
अलवर. रणथंभौर से युवा बाघ-बाघिन का जोड़ा जल्द मिला तो सरिस्का में बाघ-बाघिन के बीच संतुलन कायम हो सकेगा। सरिस्का प्रशासन ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पिछले दिनों पत्र लिखकर एक युवा बाघ व बाघिन का जोड़ा जल्द भिजवाने की जरूरत बताई है। सरिस्का में ज्यादातर बाघ-बाघिन उम्र दराज होने से इन दिनों संतुलन कायम करने के लिए युवा-बाघिन की जरुरत है।
सरिस्का में वर्तमान में 13 बाघ-बाघिन हैं, इनमें ज्यादातर या तो उम्रदराज हैं या फिर उनकी आयु कम हैं। इस कारण यहां बाघ-बाघिन के बीच संतुलन गड़बड़ाया हुआ है। इसका नुकसान यह हुआ कि सरिस्का में बाघों की वंश वृद्धि अपेक्षित नहीं रह पाई है। कुछ ही बाघिन यहां वंश वृद्धि कर पाई हैं। इनमें बाघिन एसटी-10, एसटी-12 व 14 मुख्य हैं। हालांकि पूर्व में कुछ और बाघिन भी शावकों को जन्म दे चुकी हैं, लेकिन अब ज्यादातर बाघिन उम्रदराज हो चुकी हैं। इस कारण सरिस्का में वंश वृद्धि के लिए युवा बाघिन की जरूरत है।
ज्यादातर बाघ भी उम्रदराज
सरिस्का में ज्यादातर बाघ भी उम्रदराज हो चुके हैं। यहां वर्तमान में बाघ एसटी-13 व 15 ही युवा बाघ वंश वृद्धि के लिए उपयुक्त हैं। ऐसे में सरिस्का में युवा बाघ लाने की जरूरत है। हालांकि पिछले दिनों सरिस्का प्रशासन ने दो शावकों का नामकरण एसटी-17 व एसटी- 18 किया है, इनमें एक मेल व एक फीमेल बाघ है, लेकिन इनकी उम्र अभी करीब 20 महीने हैं। कम उम्र के बाघ-बाघिन मिलने से सरिस्का को लाभ तो हुआ, लेकिन वंशवृद्धि की दृष्टि से अभी इनकी उम्र कम है।
रणथंभौर से बाघ-बाघिन का जोड़ा आना है
रणथंभौर में बाघों की बढ़ती संख्या और आबादी क्षेत्र में जाने की समस्या से निपटने के लिए करीब 15-16 बाघ-बाघिनों को दूसरे टाइगर रिजर्व में शिफ्ट करने की योजना है। इनमें एक बाघ व बाघिन सरिस्का भेजे जाने की उम्मीद है। सरिस्का प्रशासन ने इसी कारण मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र लिखा है।
एक बाघ व एक बाघिन शिफ्टिंग के लिए पत्र भेजा
सरिस्का में एक बाघ व एक बाघिन लाने के लिए पत्र मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भेजा गया है। अभी यह पत्र राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण और तकनीकी समिति को जाना है। इसके बाद कोई कार्रवाई की संभावना है।
सेढूराम यादव
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना