
अलवर शहर के 16 वार्डों में सीवर लाइन आधी-अधूरी डाली गई है। कई एरिया छोड़ दिए गए। इन वार्डों की सड़कें बार-बार तोड़ी जा रही हैं, लेकिन कनेक्शन एक भी घर में नहीं दिया गया। ऐसे में जनता को गंदगी से राहत नहीं मिल रही। जानकारों का कहना है कि यह कार्य आगामी दो साल में भी पूरा हो जाए, तो गनीमत समझिए। नगर निगम को इसकी मॉनिटरिंग करनी थी, लेकिन इस पर काम नहीं हो रहा है।
शहर के वार्ड नंबर 4, 10, 11, 20 समेत 16 वार्डों को सीवर लाइन से जोड़ना था। अमृत-2 योजना के तहत सरकार ने गुजरात की एक एजेंसी को 138 करोड़ रुपए का काम दे दिया। डेढ़ साल में पूरा काम होना था, लेकिन दो साल हो गए। शहर के इन वार्डों की सड़कें खोद दी गई। आए दिन वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नगर निगम भुगतान पर जोर दे रहा है, लेकिन काम की गति कितनी धीमी है, इससे कोई मतलब नहीं है। जनता परेशान है। आए दिन शिकायतें हो रही हैं।
वार्ड नंबर चार से सीवर लाइन डालने का काम सबसे पहले शुरू हुआ, लेकिन यहां कई गलियां छोड़ दी गईं। निवर्तमान पार्षद ज्योति जाटव का कहना है कि कभी चैंबर के लिए रोड तोड़ रहे हैं, तो कभी डीसी लगाने के लिए। एक भी घर में कनेक्शन नहीं किया गया, जबकि कई बार अधिकारियों से भी कहा गया। जनता परेशान है। सड़कों के गड्ढे जानलेवा हैं। वार्ड नंबर 10 में सीवर लाइन डाल दी गई।
निवर्तमान पार्षद महेश नायक कहते हैं कि एक भी घर में कनेक्शन नहीं किया गया। दो साल से काम चल रहा है, पता नहीं कब पूरा होगा। नगर निगम की सीवर लाइन पंचवर्षीय योजना हो गई, जो पांच साल में ही पूरी होगी। वार्ड 11 के निवर्तमान पार्षद देवेंद्र रसगनिया का कहना है कि उनके वार्ड में अभी तक सीवर लाइन पहुंची ही नहीं। जनता इंतजार कर रही है। एजेंसी पर एक्शन निगम को लेना चाहिए, लेकिन उस पर मेहरबानी की जा रही है।
सीवर लाइन डालने में देरी हो रही है। इसके लिए एजेंसी को चेताया गया है। अब आगे लापरवाही पर एक्शन लेंगे - सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम