अलवर

Alwar News: दुर्लभ बीमारी से पीडि़त शिक्षक को इलाज के लिए चाहिए 2 करोड़ रुपए, शिक्षा निदेशक ने की मदद की अपील

अलवर के सरकारी स्कूल में तैनात कंप्यूटर अनुदेशक दिनेश चौधरी एक बेहद दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए फेफड़े का ट्रांसप्लांट (Lung Transplant) एकमात्र रास्ता बताया है, जिस पर करीब दो करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
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Jul 06, 2026
teacher dinesh choudhary
दिनेश चौधरी (फोटो - पत्रिका)

अलवर के राजकीय प्रताप उच्च माध्यमिक विद्यालय में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के पद पर कार्यरत दिनेश चौधरी इस वक्त जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। वह 'इंटरस्टीशियल लंग डिजीज' (ILD) नाम की एक बेहद खतरनाक और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं। हालत बिगड़ने पर उन्हें सिकंदराबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि दिनेश के फेफड़े पूरी तरह काम करना बंद कर चुके हैं और लंग ट्रांसप्लांट के बिना उन्हें बचाना मुमकिन नहीं है। इस इलाज में दो करोड़ रुपये का खर्च आना है, जो एक साधारण शिक्षक के परिवार के लिए जुटा पाना नामुमकिन है। दिनेश की गंभीर हालत को देखते हुए प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने पूरे प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और आम जनता से आर्थिक मदद की भावुक अपील की है।

मददगार तैयार, लेकिन यह आ रही मुश्किल

शिक्षा विभाग की अपील के बाद प्रदेशभर से हजारों लोग दिनेश चौधरी की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार पीड़ित के खाते में ऑनलाइन पैसे भेज रहे हैं, लेकिन यहां एक बड़ी तकनीकी मुसीबत खड़ी हो गई है। दिनेश की पत्नी अंबिका चौधरी ने बताया कि लोग दिल खोलकर मदद करना चाहते हैं, लेकिन उनके बैंक खाते में यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन की लिमिट सिर्फ 20 तय की गई है।

यानी एक दिन में सिर्फ 20 लोग ही ऑनलाइन पैसे भेज पा रहे हैं, जिसके बाद ये सुविधा बंद हो जाती है और बाकी लोगों की मदद फेल हो रही है। परेशान परिवार ने बैंक मैनेजर से मिलकर इस लिमिट को हटाने या बढ़ाने की गुहार लगाई, लेकिन बैंक की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब या मदद नहीं मिली।


पहले भी आ चुका ऐसा केस

जयपुर में पूनम जांगिड़ को दुर्लभ बीमारी होने पर तत्कालीन निदेशक ने शिक्षा विभाग के कार्मिकों की सैलरी से 50 रुपए काटे थे। उसके बाद एक साथ पूनम जांगिड़ को राशि मिली थी, लेकिन दिनेश चौधरी के लिए केवल खाते का प्रावधान किया है और यूपीआइ की लिमिट भी 20 कर रखी है, जिससे परेशानी हो रही है।

दिनेश चौधरी की पत्नी अंबिका चौधरी ने बताया कि लोग सहायता करना चाहते हैं, लेकिन बैंक में केवल 20 ट्रांजेक्शन हो रहे है, जिसकी वजह से लोगों का पैसा खाते में नहीं पहुंच रहा है। न ही बैंक की ओर से कोई ट्रांजेक्शन बढ़ाने में मदद की जा रही है। हम बैंक मैनेजर से मिल थे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अगर ट्रांजेक्शन की लिमिट बढ़ेगी तो आमजन का सहयोग पहुंच जाएगा।

Updated on:
06 Jul 2026 02:39 pm
Published on:
06 Jul 2026 02:39 pm