
अलवर जिले के प्रतापगढ़ थाना इलाके के जैतपुर (बड़ा) गांव में पुरानी दुश्मनी के चलते एक ही परिवार के लोगों पर बेरहमी से हमला किया गया। लाठी, डंडों, पत्थरों और कुल्हाड़ी से लैस हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया। इस हमले में चार लोग लहूलुहान हो गए, जिनमें से दो की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब आरोपी राजकमल मीणा ट्रैक्टर लेकर पीड़ित परिवार के घर के बाहर पहुंचा। वहां मौजूद महिलाओं से किसी बात को लेकर उसकी तीखी बहस हो गई। इसके बाद आरोपी ने आपा खो दिया और फोन करके अपने पिता, रिश्तेदारों और अन्य साथियों को हथियारों के साथ मौके पर बुला लिया। शाम करीब 7 बजे इन सभी ने मिलकर पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने घर में घुसते ही तोड़फोड़ और मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच एक हमलावर ने कुल्हाड़ी से वार कर घर की एक महिला की नाक काट दी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। बीच-बचाव करने आई दूसरी महिला और एक बुजुर्ग दंपति को भी लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने महिलाओं के साथ बदसलूकी की और उनके सोने के गहने भी छीनकर भाग गए।
चीख-पुकार सुनकर जब आस-पास के ग्रामीण दौड़ कर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को पहले नजदीकी किशोरी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों को तुरंत जयपुर रेफर कर दिया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरी खूनी वारदात उनके घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जो आरोपियों को सजा दिलाने में बड़ा सबूत बनेगी। इधर, प्रतापगढ़ थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न गंभीर धाराओं और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की कमान आरपीएस अधिकारी रश्मि जोरवाल को सौंपी गई है और पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं।