
अलवर के मोतीनगर में शनिवार रात कार की टक्कर से तीन युवकों की मौत के बाद आज परिजन हत्या की आशंका जताते हुए जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने भी धरने का समर्थन किया। परिजन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। धरना दे रहे लोग जिला अस्पताल के अंदर घुस गए। इस दौरान पुलिस ने समझाइश कर उन्हें रोका। परिजन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे मोतीनगर कॉलोनी में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन दोस्तों को टक्कर मार दी थी। हादसे में जितेन्द्र राजपूत उर्फ छोटू (21), युवराज सैनी (22) और हिमांशु शर्मा (21) की मौत हो गई थी। तीनों बाइक से मोतीनगर से काली मोरी की तरफ जा रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक बाइक से उछलकर दूर जा गिरे। इसके बाद कार नाले की दीवार से टकरा गई।
हादसे के बाद चालक कार को कुछ दूर तक ले गया और फिर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार जब्त कर ली है। पुलिस ने मृतकों के शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए हैं।
रविवार सुबह करीब 8 बजे मृतकों के परिजन, रिश्तेदार और आसपास के लोग जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती, वे शव नहीं लेंगे। परिजनों का आरोप है कि तीनों युवकों की हत्या की गई है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया। उनका दावा है कि युवकों को कार से कुचलने के बाद सिर पर पत्थर से वार किए गए। मृतक के पिता ने अरावली विहार थाने में शिकायत देकर आरोपियों पर पुरानी रंजिश के चलते साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया है।
घटना के बाद आपसी रंजिश की बात भी सामने आई है। मृतक युवराज के परिजनों ने मोहल्ले के कुछ युवकों से पुरानी रंजिश होने की बात कही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आपसी रंजिश की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच की जा रही है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत भी धरने में शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना को लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तीन युवकों की मौत का मामला गंभीर है और पुलिस को इसकी गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और इस मामले में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।