
निर्धारित अवधि में नहीं बनवाया प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र
अलवर जिले की सड़कों पर दौड़ रहे एक लाख से ज्यादा वाहनों को अब प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनवाने के लिए निर्धारित फीस के साथ अब जुर्माना राशि भी देनी पड़ेगी। बिना जुर्माना राशि के प्रदूषण प्रमाणपत्र बनावाने की इन वाहनों की अवधि समाप्त हो गई है। परिवहन विभाग की ओर से गत दिनों वाहनों की प्रदूषण जांच की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई जिसके तहत प्रदूषण जांच कराने पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र मिलना था। इसके लिए एक माह की अवधि निर्धारित की गई। नई व्यवस्था के बावजूद जिले में एक लाख से अधिक वाहनों की अब तक प्रदूषण जांच नहीं हुई। अब इन वाहन चालकों से जांच के साथ जुर्माना राशि भी वसूली जाएगी।
दुपहिया से 200, चौपहिया से 1000
परिवहन विभाग के अनुसार जिन दुपहिया वाहन चालकों ने अवधि गुजर जाने के बाद भी अपने वाहन की ऑनलाइन प्रदूषण जांच नहीं कराई है। अब उनसे 200 रुपए जुर्माना राशि वसूली जाएगी। इसी प्रकार चौपहिया वाहन चालकों को भी 500 की जगह एक हजार रुपए देने पड़ेंगे।
7 लाख वाहन, नहीं कराते प्रदूषण जांच
जिले में लगभग 7 लाख वाहन हैं। परिवहन विभाग के अनुसार नए वाहन की एक साल बाद व पुराने वाहनों की हर छह माह में प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। लेकिन स्थिति ये है कि ज्यादातर वाहन चालक अपने वाहन की प्रदूषण जांच नहीं कराते। अब जांच के ऑनलाइन होने से तुरन्त पता चल जाएगा कि वाहन की प्रदूषण जांच कब से नहीं हुई है। इसके बाद वाहन चालक से जुर्माना राशि वसूली जाएगी।
ऑनलाइन राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना के तहत अब सभी वाहनों की प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। इसमें निर्धारित अवधि में जांच नहीं कराने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। अलवर जिले में एक लाख से अधिक वाहन ऐसे हैं, जो जुर्माने की जद में आ चुके हैं।
भंवरलाल, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अलवर