
अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में तीन युवकों की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में हत्या की योजना बनाकर वारदात करने की बात सामने आई है।
दरअसल 12 सितंबर की रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच परिवादी का बेटा अपने दो दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से लक्ष्मीनगर काली मोरी नाले के पास जा रहा था। इसी दौरान वहां कुछ युवक पहले से मौजूद थे। आरोप है कि आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से स्विफ्ट कार से पीछे से मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
कार की टक्कर से तीनों युवक नीचे गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने उन पर सरियों, डंडों, धारदार हथियारों और पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार हमले में तीनों युवकों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की मृतकों से पहले से रंजिश थी और इसी के चलते वारदात की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जिला स्तर पर कई टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने मुखबिर तंत्र के जरिए भी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस के अनुसार संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। इसके बाद मुख्य आरोपी सचिन मीणा और उसके साथियों सागर मीणा, अमित उर्फ पल्टा, महेश सैनी और तन्मय उर्फ टन्नू को गिरफ्तार किया गया। एक विधि से संघर्षरत बालक को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने एक स्विफ्ट कार और दो मोटरसाइकिलों से पीछा करने के बाद तीनों युवकों पर हमला करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही मामले में आगे की जांच जारी रखी है। पुलिस टीम आरोपियों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
अलवर पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी गई और करीब 48 घंटे में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई में अरावली विहार थाना पुलिस के साथ अन्य पुलिस टीमों और साइबर सेल की भूमिका रही। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे आवेश में आकर कानून अपने हाथ में नहीं लें। पुलिस के अनुसार ऐसी घटनाओं से युवाओं के साथ उनके परिवारों का भविष्य भी संकट में पड़ सकता है।