अलवर

Alwar News: वीएलटीडी विवाद पर ट्रक एसोसिएशन का फूटा गुस्सा, नेशनल परमिट बंद होने से चक्काजाम

वीएलटीडी विवाद को लेकर प्रदेशव्यापी चक्काजाम आंदोलन का समर्थन करते हुए सोमवार को जिला ट्रक एसोसिएशन अलवर ने ट्रांसपोर्ट नगर में प्रदर्शन किया और रैली निकाली। नेशनल परमिट बंद होने से भड़के व्यवसायियों ने सरकार से समाधान की मांग की है।
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Jul 13, 2026
alwar truck association protest
जिले के ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े ट्रक (फोटो - पत्रिका)

कमर्शियल वाहनों में वीएलटीडी (Vehicle Location Tracking Device) और पैनिक बटन को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा रूप अख्तियार कर चुका है। इस विवाद के विरोध में पूरे राजस्थान के ट्रांसपोर्टर संगठनों ने चक्काजाम आंदोलन का ऐलान किया है।

इसी कड़ी में सोमवार को अलवर जिला ट्रक एसोसिएशन के बैनर तले ट्रक व्यवसायी सड़कों पर उतरे। एसोसिएशन ने पहले से तय रणनीति के तहत ट्रांसपोर्ट नगर में इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक विरोध स्वरूप रैली निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ट्रक व्यवसायियों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों के कारण आज उनका धंधा पूरी तरह चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है।


इस पूरे विवाद की जड़ को समझाते हुए जिला ट्रक एसोसिएशन ने बताया कि केंद्र सरकार ने करीब तीन साल पहले सभी कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया था। नियम के मुताबिक, सरकार की ओर से तय किए गए अधिकृत वेंडर ही गाड़ियों में यह डिवाइस फिट करते हैं और इसका प्रमाण पत्र जारी करते हैं। इस फिटमेंट प्रमाण पत्र के बिना किसी भी कमर्शियल गाड़ी का नेशनल परमिट नहीं बनता है।

ट्रकों के नेशनल परमिट जारी नहीं हो रहे

ट्रांसपोर्टर्स का सीधा आरोप है कि राजस्थान सरकार ने राज्य में अब तक इन वेंडर्स को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत (Authorise) ही नहीं किया है। सरकार की इस बड़ी लापरवाही का खामियाजा भुगतते हुए बीते 14 जून से प्रदेशभर में ट्रकों के नेशनल परमिट जारी होना पूरी तरह से बंद हो गए हैं।

परमिट न होने के कारण ट्रक मालिक अपनी गाड़ियां सड़कों पर नहीं उतार पा रहे हैं। वहीं, जो गाड़ियां मजबूरी में बिना परमिट के चल रही हैं, उनसे टोल प्लाजा पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टर्स आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद हो रहे हैं।

जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट

हालांकि इस आंदोलन के दौरान आम जनता की परेशानियों का पूरा ख्याल रखा गया है। यूनियन ने साफ किया कि दूध, सब्जियां, जरूरी दवाइयां और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस चक्का जाम और हड़ताल से पूरी तरह मुक्त रखा गया है ताकि आम जनता को कोई दिक्कत न हो।

सोमवार को आयोजित हुई इस विरोध रैली में इमरतदीन, परमजीत सिंह गोगिया, पंकज अनेजा, संदीप मित्तल और पप्पू अनेजा सहित अलवर जिले के तमाम बड़े ट्रांसपोर्ट व्यवसायी शामिल हुए और सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का हल निकालने की चेतावनी दी।

Updated on:
13 Jul 2026 03:35 pm
Published on:
13 Jul 2026 03:35 pm