अलवर जिले में आज यानी 7 मई, गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली है। भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच दोपहर बाद आसमान में बादलों ने डेरा डाला और तेज धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस बदलाव से पारे में गिरावट आई है और जिले के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से सुकून मिला है।
अलवर में आज सुबह की शुरुआत हल्के बादलों से हुई। दोपहर होते-होते पारा चढ़ने लगा और और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। लेकिन दोपहर बाद अचानक बादलों की आवाजाही के बाद जिले में तेज अंधड़ चलने लगा। हवा की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि सड़कों पर चल रहे राहगीरों और वाहन चालकों को अपनी रफ्तार थामनी पड़ी।
आंधी के कुछ देर बाद ही शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को पूरी तरह खुशनुमा बना दिया। जिले के राजगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कुछ देर तक हल्की बारिश हुई। बारिश के बाद उठी मिट्टी की सौंधी खुशबू और ठंडी हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी, जिससे शाम होते-होते लोगों ने राहत की सांस ली।
इस बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। ठंडी हवाएं चलने के कारण शाम के वक्त लोग पार्कों और घरों की छतों पर नजर आए। हालांकि, तेज आंधी और अंधड़ के कारण शहर और देहात के कुछ हिस्सों में बिजली गुल होने की समस्या भी सामने आई। आंधी की वजह से कई जगहों पर लाइन में फाल्ट आ गया, जिसे बाद में बिजली विभाग की टीमों ने मशक्कत कर ठीक किया।
इसके अलावा सकट सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर की गर्मी और उमस के बाद आसमान में घने बादल छा गए तथा तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ देर बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
गौरतलब है कि अलवर में पिछली बार हुई बारिश के दौरान कई इलाकों में चने के आकार के ओले गिरे थे। इस बार भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हुआ है, जिसका असर उत्तर पूर्वी राजस्थान के जिलों में दिख रहा है।
मौसम विभाग की मानें तो अलवर में अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।
8 मई का पूर्वानुमान: शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और दोपहर के बाद धूल भरी हवाएं चलने की पूरी संभावना है।
बारिश और ओलावृष्टि: अगले दो दिनों में जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ फिर से हल्की बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
ऐसे में प्रशासन ने लोगों को आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।