अलवर

सावन में धरती ओढ़ेगी हरियाली की चादर, महिलाएं भी सावन मनाने को पूरी तरह तैयार

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Jul 27, 2018
Alwar Women ready to celebrate sawan 2018
सावन में धरती ओढ़ेगी हरियाली की चादर, महिलाएं भी सावन मनाने को पूरी तरह तैयार

सावन में इस बार लहरिया के साथ हरियाली की चादर भी दिखाई देगी। शहर के महिला क्लब व महिला संगठन सावन को कुछ खास अंदाज में मनाने को तैयार हैं। इस बार सावन केवल लहरिया साड़ी में संजने संवरने के लिए नहीं बल्कि उसे यादगार बनाने के लिए पौधे लगाए जाएंगे।

धरती का सावन तभी साकार जब लगें पेड़

सावन का नाम आते ही मन उमंग और जोश से भर जाता है। इस महीने में खास तौर से महिलाओं को लहरिया पहनना बहुत अच्छा लगता है। महिलाओं के लिए आने वाले सिंजारा, तीज व राखी पर उन्हें बहुत से गिफ्ट मिलते हैं। लेकिन सावन की हरियाली तभी बच पाएगी जब हम पौधे लगाएंगे। अपने आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित पर्यावरण मिले, यह हमारी जिम्मेदारी है। जितने पेड़ हम काट रहे हैं उतने पौधे लगाने जरुरी हैं इसलिए इस बार सावन में पौधे लगाएंगे। खास तौर से जन्मदिन, शादी की सालगिरह जैसे अवसरों पर।
भारती पावा, उपाध्यक्ष, अरावली वुमन स्पोर्टस अकेडमी

खुशियां लेकर आता है सावन

सावन का नाम सुनते ही मन हिलौरे लेने लगता है। यह महीना खुशियां लेकर आता है। सावन का हरा रंग हमें खुशहाली देता है इसलिए महिलाएं हरे रंग की लहरिया साड़ी और हरे रंग की लहरिया चूडिय़ां पहनती हैं। सावन की हरियाली साल भर बनी रहे इसके लिए जरुरी है कि हम सभी मिलकर अधिक से अधिक पौधें लगाएं, क्योंकि यही वह महीना होता है जो पौधों को जीवनदान देता है। पेड़ पौधे जीवन का अभिन्न अंग हैं और हमारी ङ्क्षजदगी से जुड़े हुए हैं। अगर हमें जिंदगी चाहिए तो सभी को पौधे लगाना चाहिए।
शीतल जैन, अध्यक्ष, अरावली वुमन स्पोर्टस एकेडमी

पौधे लगाने से ही होगा ग्रीन अलवर

सावन का मतलब केवल हरियाली तीज नहीं होना चाहिए। आप चाहते हैं कि ये सावन सदा ऐसे ही हरा भरा रहे तो इसके लिए जरुरी है आप जहां रहते हैं वहां एक पौधा अवश्य ही लगाएं और पौधे लगाने के लिए और लोगों को भी प्रेरित करें। यदि सभी लोग अपने और अपने परिजनों के साथ मिलकर अपने क्षेत्र में पौधे लगाएंगे तो सारा शहर अपने आप ग्रीन अलवर और क्लीन अलवर में बदल जाएगा। एक व्यक्ति को एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, ताकि प्रकृति की हरियाली बची रहे और पर्यावरण संतुलन नहीं
बिगड़ सके।
वैशाली जसोरिया, रोटरी क्लब ऑफ अलवर

जीवन में हरियाली नहीं तो कुछ नहीं

हरियाली ही जीवन है। हरियाली नहीं तो कुछ नहीं। कितना अच्छा लगता है जब हम किसी सूखे और निर्जन स्थान से हरे भरे स्थान पर आते हैं। हरियाली देखकर तन और मन दोनों को बहुत सुकून मिलता है। हम साल भर प्रकृति से कुछ ना कुछ लेते हैं, लेकिन सावन का महीना ऐसा होता है जब प्रकृति को कुछ दे सकते हैं। इसलिए हमें प्रकृति को हरा-भरा रखने और पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए पेड़-पौधे लगाने चाहिए। इसलिए प्रकृति की सुंदरता को बचाने के लिए इस महिने में अधिक से अधिक पौधे लगाने का प्रयास करुंगी।
अरुणा देवड़ा, अध्यक्ष, एक प्रयास संस्था ।

Published on:
27 Jul 2018 11:41 am