
अलवर शहर में एक महिला पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर स्कूल की पानी की टंकी पर चढ़ गई। सोमवार की सुबह स्कूल में रोज़ की तरह चहल-पहल थी, लेकिन अचानक पानी की टंकी पर एक महिला को देखकर वहां हड़कंप मच गया। देखते ही देखते स्कूल परिसर और आस-पास के इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई।
महिला काफी गुस्से में थी और नीचे आने को तैयार नहीं थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची अरावली विहार थाना पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला से बातचीत शुरू की। करीब आधे घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे और पुलिस की ओर से उचित कार्रवाई के भरोसे के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया, तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
टंकी पर चढ़ने वाली महिला मिथलेश का आरोप है कि उसके बेटे दीपक के साथ करीब दो महीने पहले वारदात हुई थी। दीपक एक फोटोग्राफर है। मिथलेश के अनुसार बोधन कॉलोनी के रहने वाले एक आर्मी अधिकारी के पिता ने उसके बेटे के साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने दीपक का फोन, लैपटॉप और जरूरी डेटा वाली पेन ड्राइव भी छीन ली। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष ने दो लाख रुपए का चेक देने का दबाव बनाया और जबरन एक कागज पर दस्तखत भी करवा लिए। महिला का कहना है कि 30 अप्रैल की इस घटना की शिकायत उन्होंने दो महीने पहले ही पुलिस में दे दी थी, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
दूसरी तरफ आरोपी पक्ष ने महिला और उसके बेटे की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि फोटोग्राफर दीपक ने एक कार्यक्रम की शूटिंग के दौरान तय पैसों से ज्यादा की डिमांड की थी, जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। आरोपी पक्ष का दावा है कि उन्होंने कोई मारपीट या लूटपाट नहीं की है, बल्कि हिसाब-किताब फाइनल न होने की वजह से दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित रखा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इस पूरे लेन-देन और बातचीत का वीडियो सबूत के तौर पर मौजूद है।
फिलहाल महिला के इस आत्मघाती कदम के बाद पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। अरावली विहार थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुन ली हैं और मामले से जुड़े सबूतों व वीडियो की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी सच सामने आएगा, उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।