
राजस्थान के अलवर जिले से एक बार फिर खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रतापगढ़ थाना इलाके के आगर गांव में पुलिस की ओर से सुनवाई न किए जाने से आहत एक युवक अपनी जान जोखिम में डालकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक का आरोप था कि दबंगों ने उसके साथ मारपीट की, लेकिन जब वह न्याय मांगने थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे डरा-धमकाकर भगा दिया।
पूरा मामला गांव में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार गांव में शनिवार को बाबा श्याम के जागरण का आयोजन होना तय हुआ है। इसी कार्यक्रम का न्योता देने के लिए गांव के कुछ युवा घर-घर जाकर पीले चावल बांट रहे थे। इसी दौरान 31 मई की रात को किसी बात को लेकर गांव के ही कुछ लड़कों के बीच आपस में कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने अखिलेश प्रजापत नाम के युवक के साथ मारपीट कर दी।
अखिलेश का आरोप है कि वह इस मारपीट की शिकायत लेकर 1 जून को प्रतापगढ़ थाने गया था। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी, रिपोर्ट दर्ज करने से साफ मना कर दिया और उल्टा उसे ही डांटकर थाने से बाहर निकाल दिया। पुलिस के इस रवैये और आरोपियों के खुले घूमने से परेशान होकर अखिलेश गांव में ही लगे एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया।
जैसे ही गांव वालों ने युवक को टावर पर देखा, मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की खबर मिलते ही पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी भागे-भागे मौके पर पहुंचे। युवक ऊपर से ही पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा था। करीब दो घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद, जब पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त एक्शन लेने और उन्हें गिरफ्तार करने का लिखित आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर युवक नीचे उतरने को राजी हुआ।
इस पूरे मामले पर प्रतापगढ़ थाना पुलिस ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि युवक की शिकायत पहले ही ले ली गई थी और पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी थी, लेकिन उससे पहले ही युवक ने यह कदम उठा लिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।