
अलवर जिला परिषद का रेकॉर्ड विधानसभा चुनाव के बाद ही शिफ्ट होगा। जिला परिषद एक राजनीतिक बॉडी है। ऐसे में नए जिले खैरथल-तिजारा व कोटपूतली बहरोड़ को पहले नए जिला प्रमुख मिलेंगे। उसके बाद रेकॉर्ड जाएगा। नई सरकार के गठन के बाद ये प्रक्रिया शुरू होगी। यह चर्चा में है कि जिसकी सरकार बनेगी, उसी के प्रमुख जिलों में बनेंगे। हालांकि ये बहुमत पर निर्भर करेगा। नए जिले खैरथल-तिजारा व कोटपूतली-बहरोड़ के बनने के बाद अलवर से अधिकांश विभागों का रेकॉर्ड चला गया। जिला प्रशासन के अलावा अन्य विभागों ने भी संबंधित रेकॉर्ड भेज दिया ताकि लोगों को यहां दौड़ न लगानी पड़े लेकिन जिला परिषद का रेकॉर्ड नहीं गया। अभी यहीं से वहां की परिषदों का संचालन हो रहा है।
हालांकि वहां एसीईओ की तैनाती की गई है लेकिन उच्चाधिकारी अलवर में ही बैठ रहे हैं। अब ये साफ हो गया कि नए जिलों में परिषद का रेकॉर्ड अभी नहीं जाएगा। वहां पहले जिला प्रमुख बनेंगे और उसके बाद रेकॉर्ड जाएगा। जानकार कहते हैं कि जो जिला पार्षद जिस क्षेत्र से जीतकर आया है वह उसी जिले का निवासी होगा और वहीं की जिला परिषद में अपना योगदान देगा। अलवर परिषद में 49 पार्षदों में से 26 ही बचेंगे। बाकी पार्षद खैरथल व कोटपूतली बहरोड़ में शामिल होंगे।
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