
Millet Grains
Millet Grains : भरतपुर में तकनीकी शिक्षा एवं आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा, मोटे अनाज के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। पर मोटे अनाज का विक्रय मूल्य कम होने से किसानों को इससे अधिक आय नहीं मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में मिलेट्स के मूल्य संवर्धन के लिए विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स में पर्याप्त मात्रा में मिनरल्स, फाइबर, जिंक, कैल्शियम एवं आयरन सहित अन्य गुणकारी तत्व होने की वजह से स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं।
मिलटे्स कार्यशाला का आयोजन
कृषि विभाग की ओर से जिला स्तरीय मिलटे्स कार्यशाला गुरुवार को आगरा रोड स्थित महात्मा गांधी वेटनरी कॉलेज के सभागार में तकनीकी शिक्षा एवं आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के मुख्य अतिथ्य में हुई। इसमें मोटे अनाज की उपयोगिता, उत्पादन में वृद्धि एवं मूल्य संवर्धन की जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक देशराज सिंह ने की।
मोटे अनाज के महत्व के लिए ग्रामीणों को करें जागरुक
कार्यशाला में तकनीकी शिक्षा एवं आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने सुझाव दिया कि इस तरह की कार्यशाला ग्राम पंचायत स्तर पर भी की जानी चाहिए ताकि ग्रामीण मोटे अनाज की महत्व को समझ सकें।
यह भी पढ़ें - रेलवे की नई पहल, 1 अक्टूबर से 130 किमी प्रति घंटा की फुल रफ्तार से दौड़ेगी ये ट्रेनें
इस मौके पर तमाम लोग थे उपस्थित
इस अवसर पर जिला पर्यवेक्षक संघ, खाद बीज विक्रेता संघ, टीम अभिषेक सहित विभिन्न संगठनों की ओर से तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान विकास फौजदार की ओर से लिखित राजस्थान सामान्य ज्ञान पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में पार्षद सतीश, पूर्व डीन अमरसिंह, संयुक्त निदेशक रमेशसिंह, उपनिदेशक जनकराज आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें - सीएम गहलोत का चुनाव पूर्व बड़ा फैसला, 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को दिया तोहफा
Updated on:
22 Sept 2023 12:36 pm
Published on:
22 Sept 2023 12:35 pm
