
Baraitha Dam : बारैठा बांध। पत्रिका फाइल फोटो
Bharatpur : भरतपुर के बयाना में जिले के सबसे बड़े बारैठा बांध के लबालब होने के बाद शनिवार को बांध के गेट खोल दिए गए। बांध का गेज 27.5 फीट पहुंचने के बाद जल संसाधन विभाग ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी। बांध से छोड़ा जा रहा पानी कुकुंद नदी के रास्ते आगे बढ़ेगा। पानी की निकासी शुरू होते ही नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले गांवों को अलर्ट किया गया है। गेट खोलते वक्त विधायक डॉ. ऋतु बनावत भी मौजूद थी। विधायक ऋतु बनावत ने गेट खोलकर की जल निकासी की शुरूआत की।
जल संसाधन विभाग के एईएन दशरथ सिंह ने बताया कि बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है और जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेट खोले गए हैं। विभाग की टीम मौके पर तैनात है और पानी की आवक एवं निकासी की लगातार निगरानी कर रही है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद कुकुंद नदी में बहाव बढ़ेगा। ऐसे में नदी के रास्ते में आने वाले गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को नदी, नालों और पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही पशुओं को भी नदी के आसपास नहीं ले जाने के लिए कहा गया है।
बारैठा बांध का गेज 27.5 फीट पहुंचने के बाद गेट खोलकर अतिरिक्त पानी कुकुंद नदी में छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग की टीम बांध पर मौजूद है। नदी में पानी का बहाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और बहाव क्षेत्र के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है।
बंध बारैठा बांध के गेट खुलने के बाद बयाना-बसेड़ी स्टेट हाईवे पानी में डूब जाता है। ऐसे में छोटे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो जाती है। प्रशासन की ओर से सिर्फ बड़े वाहनों को ही निकलने की परमिशन रहती है। यहां पर एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की जाती है।
बंध बारैठा बांध बयाना तहसील में कुकुंद नदी पर स्थित है। यह भरतपुर जिले का सबसे बड़ा बांध है। 5 गेट वाले बंध बारैठा बांध की भराव क्षमता 29 फीट है। लगातार तीसरे साल बांध के गेट खुल गया है। इस से पूर्व साल 2025 और साल 2024 में बांध के तीन गेट खोलकर पानी छोड़ा गया था। इससे पहले साल 2022 में बांध का एक गेट खोलकर पानी की निकासी की गई थी।
बंध बारैठा बांध से भरतपुर शहर में पेयजल की आपूर्ति होती है। साथ ही बयाना एवं रूपवास के 28 गांवों की 4243 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए इस बांध के पानी का उपयोग होता है। बांध में जल स्तर बढऩे से पेयजल के साथ-साथ सिंचाई की समस्या का भी समाधान होगा।
Updated on:
15 Aug 2026 09:15 pm
Published on:
15 Aug 2026 09:12 pm
