
Deeg Traffic: जाम में फंसी एंबुलेंस (फोटो-पत्रिका)
डीग। बृजनगर कस्बे की सड़कों पर शुक्रवार दोपहर यातायात व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। इंदिरा सर्किल से लेकर बस स्टैंड तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे से अधिक समय तक लोग जाम में जूझते रहे। स्कूली बच्चों की गाड़ियां फंसी रहीं, आमजन गर्मी में परेशान होते रहे। सबसे गंभीर स्थिति तब बन गई, जब एक एंबुलेंस भी जाम के बीच फंस गई। एक तरफ मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का सायरन बजता रहा, तो दूसरी तरफ सड़क पर वाहन रेंगते रहे। यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेबस नजर आई।
मिली जानकारी के मुताबिक, किसी गंभीर मरीज को लेने के लिए एंबुलेंस निकली थी, लेकिन इंदिरा सर्किल के पास लगे जाम में फंस गई। ऐसे में एंबुलेंस काफी देर तक मरीज तक नहीं पहुंच सकी। एंबुलेंस के जाम में फंसने से मौके पर मौजूद लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली।
कस्बेवासियों का सबसे बड़ा सवाल अब यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। लोगों का आरोप है कि जिला डीग से यातायात पुलिसकर्मी बृजनगर आते हैं, लेकिन यातायात नियंत्रण की बजाय हेलमेट और अन्य नियमों के चालान बनाने पर ज्यादा जोर रहता है। लोगों का कहना है कि मोबाइल से वाहनों की फोटो खींचकर चालान बनाने में तत्परता दिखाई जाती है, लेकिन जब इंदिरा सर्किल जैसे व्यस्त चौराहे पर वाहनों की कतार लगती है तो यातायात नियंत्रित करने के लिए वही तत्परता नजर क्यों नहीं आती?
जाम की सूचना मिलते ही थानाधिकारी लाखन सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्वयं यातायात व्यवस्था संभाली। पुलिस ने सड़क पर उतरकर वाहनों को व्यवस्थित कराया और जाम खुलवाने के लिए मशक्कत शुरू की। काफी प्रयास के बाद यातायात को सामान्य कराया गया।
सबसे चिंताजनक पहलू एंबुलेंस का जाम में फंसना रहा। यातायात व्यवस्था की पहली प्राथमिकता ही आपातकालीन वाहनों को निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराना है। ऐसे में एंबुलेंस का लंबे समय तक जाम में फंसा रहना सिस्टम की गंभीर कमजोरी को उजागर करता है। सवाल यही है कि जब आमजन और स्कूल वाहन जाम में फंस रहे थे, तब यातायात पुलिस मौके पर सक्रिय क्यों नहीं थी? इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है।
Updated on:
14 Aug 2026 09:13 pm
Published on:
14 Aug 2026 09:11 pm
