
भरतपुर नगर निगम। पत्रिका फाइल फोटो
भरतपुर। जिला परिषद के प्रमुख, नगर परिषद सभापति व नगर निगम के मेयर की निकली आरक्षण लॉटरी ने कुछ नेताओं के समीकरण बिगाड़ दिए हैं तो कुछ नेताओं के बना दिए। भरतपुर नगर निगम में 16 वर्ष बाद अनारक्षित महिला की सीट आई है तो जिला परिषद में पहली बार एससी महिला के लिए सीट रिजर्व हुई है। डीग में नगर परिषद के सभापति का पद अनारक्षित ओपन है तो जिला प्रमुख की सीट अनारक्षित महिला की है। भरतपुर नगर निगम समेत सात निकायों में दो अनारक्षित महिला, तीन अनारक्षित ओपन, एक ओबीसी ओपन, एक एससी ओपन सीट निकाय प्रमुख की रहेगी।
डीग जिले में चार अनारक्षित ओपन, एक ओबीसी ओपन, एक अनारक्षित महिला सीट रहेगी। भरतपुर में एक व डीग में दो नगरपालिकाओं में पहली बार चुनाव होंगे। जिले के बयाना नगरपालिका अध्यक्ष की अनारक्षित महिला, वैर नगरपालिका में अनारक्षित ओपन, भुसावर नगरपालिका में अनारक्षित ओपन, नदबई नगरपालिका में अनारक्षित ओपन, रूपवास नगरपालिका में ओबीसी ओपन, उच्चैन में एससी ओपन सीट रहेगी। डीग के कामां में अनारक्षित ओपन, कुम्हेर में अनारक्षित ओपन, बृजनगर में ओबीसी ओपन, पहाड़ी में अनारक्षित ओपन, सीकरी में अनारक्षित महिला सीट रहेगी। जिले के उच्चैन नगर पालिका, डीग जिले की पहाड़ी व सीकरी नगरपालिका में पहली बार चुनाव होंगे।
भरतपुर नगर निगम व रूपवास नगरपालिका के चुनाव 16 नवंबर 2019 को हुए थे। उस समय डीग जिला नहीं बना था। 25 नवंबर 2024 को कार्यकाल समाप्त हुआ। बाकी आठ नगरपालिकाओं के चुनाव 11 दिसंबर 2020 को हुए थे। दिसंबर 2025 में इनका कार्यकाल समाप्त हुआ। पंचायत राज के चुनाव तीन चरणों में 26 अगस्त, 29 अगस्त और एक सितम्बर 2021 को हुए थे। छह सितंबर 2021 को जिला प्रमुख का चुनाव हुआ था। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जगत सिंह के भाजपा से जीतने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, लेकिन बार-बार सियासी अड़चनों के बीच दोबारा चुनाव नहीं हो पाया था।
भरतपुर को नगर परिषद से नगर निगम की घोषणा वर्ष 2013 में भाजपा सरकार ने की थी। इसके बाद वर्ष 2014 में गजट नोटिफिकेशन होने के बाद सभापति से सुमन कोली मेयर बनी थी। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के शिवसिंह भोंट जनरल सीट से मेयर बने तो 2019 के नगर निगम के चुनाव में अभिजीत कुमार कांग्रेस से एससी की सीट पर मेयर बने।
भरतपुर व डीग जिले के 13 नगरीय निकायों में 415 पार्षद मेयर, सभापति व 11 नगरपालिका अध्यक्ष चुनेंगे। इसमें भरतपुर नगर निगम समेत सात निकायों में 235 पार्षद व डीग नगरपरिषद समेत छह निकायों में 180 पार्षद निकाय प्रमुख का चयन करेंगे। इसमें नगर परिषद डीग में वार्ड 40, नगर पालिका बृजनगर में वार्ड 35, नगर पालिका कुम्हेर में वार्ड 25, नगर पालिका पहाड़ी में वार्ड 20, नगर पालिका सीकरी में वार्ड 25. नगर पालिका कामवन में वार्ड 35, भरतपुर नगर निगम में 65. बयाना नगरपालिका में 35, वैर नगरपालिका में 25, भुसावर नगरपालिका में 25, नदबई नगरपालिका में 35, रूपवास नगरपालिका में 25 एवं उच्चैन नगरपालिका में 25 पार्षद निकाय प्रमुख का चुनाव करेंगे।
जिला प्रशासन के स्तर पर अब 17 अगस्त को डीग व भरतपुर जिला मुख्यालय पर पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, नगरपालिका, नगर परिषद व नगर निगम के वार्ड पार्षदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। वहीं 18 अगस्त को एसडीएम स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच व वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
भरतपुर जिले की सात पंचायत समितियों के 31 जिला परिषद सदस्य जिला प्रमुख का चुनाव करेंगे। इसमें पंचायत समिति क्षेत्र नदबई में पांच, वैर में तीन, भुसावर में चार, बयाना में सात, रूपवास में पांच, उच्चैन में - तीन तथा सेवर में चार वार्ड होंगे। नए परिसीमन के बाद एक जिला परिषद सदस्य औसतन करीब 37 हजार ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व करेगा।
वर्ष 1959 में विश्वप्रिय शास्त्री पहले जिला प्रमुख बने। इनके बाद वर्ष 1965 में पंडित रामकिशन, वर्ष 1982 में गिर्राजप्रसाद तिवारी, वर्ष 1988 में विश्वेंद्र सिंह, वर्ष 1989 में ब्रिजेंद्र सिंह सूपा, वर्ष 1990 में गुरुचरन सिंह, वर्ष 1995 में अनिता सिंह, वर्ष 2000 में रामलाल सागर, वर्ष 2005 में राजवीर सिंह, वर्ष 2007 में द्वारिका प्रसाद और राजवीर सिंह फौजदार, वर्ष 2009 में द्वारिका प्रसाद और खेमकरण, वर्ष 2010 में लीलावती और वर्ष 2015 में बीना सिंह जिला प्रमुख बनीं। इससे पहले 11 वर्ष पहले महिला जिला प्रमुख बनी थी।
Updated on:
14 Aug 2026 11:38 am
Published on:
14 Aug 2026 11:38 am
