
अलवर. अमरनाथ बर्फानी सेवा समिति की ओर से अमरनाथ यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे भंडारे का समापन गुरुवार को हुआ।
समिति की ओर से जम्मू रेलवे स्टेशन के पास पिछले चार साल से यह भंडारा किया जा रहा है। समिति के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने बताया कि बाबा बर्फानी का शिवलिंग जो कि यात्रा के शुरु होने पर 13 से 14 फीट का था वह अब केवल 4 फीट का रह गया है। अभी तक राजस्थान के करीब 8500 श्रद्धालु बर्फानी बाबा के दर्शन कर चुके हैं। इसमें अलवर के करीब 950 श्रद्धालु शामिल है। इससे पहले शुरुआत में मौसम खराब होने के कारण अनेक तीर्थयात्री दर्शन किए हुए ही वापस लौट आए। समिति की 40 सदस्यों की टीम ने एक माह तक सेवा दी। अमरनाथ बर्फानी सेवा मण्डल की ओर से प्रति वर्ष अमरनाथ में भण्डारे का आयोजन किया जाता है। इसके लिए बहुत पहले से ही तैयारियां शुरु हो जाती हैं। इसमें भागीरथ सोनी, डॉ. एमएल मीणा, भगवानदास खत्री, मुकेश जोशी,राजकुमार मीणा, डा. राजेंद्र खत्री, अशोक धानावत, दिलीप मक्कड, कुसुमलता धानावत, गीतादेवी, शिवकुमार सहित अन्य सेवादार शामिल थे।
एक शाम भोले के नाम 18 अगस्त को
27 जुलाई को चंद्रग्रहण के चलते इस बार एक दिन पहले ही भंडारे का समापन कर दिया गया । भंडारे की समाप्ति पर 18 अगस्त को एक शाम भोले के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे पूर्व समिति की ओर से पहली बार केदारनाथ में भी भंडारे का आयोजन किया गया था।
भारतीय संस्कृति में गुरु का महत्व बताया
अलवर. राजकीय गौरी देवी महिला महाविद्यालय में रूक्टा राष्ट्रीय की ओर से गुरु वंदना कार्यक्रम हुआ।इस कार्यक्रम में आर्ट आफ लिविंग फाउंडेशन के सदस्य डॉ.उत्तरा अग्रवाल, गीता सादवानी, कैलाश शेखावत, शिल्पा शेखावत, शिल्पा शेखावत व राहुल सादवानी आदि ने विचार व्यक्त किए। प्राचार्य आरसी अग्रवाल ने कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम संयोजक रचना असोपा ने आभार जताया।