जिले में गैस की जबर्दस्त किल्लत बनी हुई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी—लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें घंटों इंतजार के बाद कुछेक लोगों को ही सिलेंडर मिल पा रहा है।
अलवर. जिले में गैस की जबर्दस्त किल्लत बनी हुई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी- लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें घंटों इंतजार के बाद कुछेक लोगों को ही सिलेंडर मिल पा रहा है। प्रशासन और रसद विभाग लगातार दावा कर रहा है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन जिस तरह से ढाबा और होटल में खान नहीं मिल रहा है, उससे साफ है कि गैस की किल्लत है। इसी बीच रामगढ़ के पास जातपुर से बड़ी खबर आ रही है।
किल्लत का फायदा उठाते हुए एक गैस एजेंसी संचालक ने यहां सिलेंडरों का बड़ा स्टॉक रख रखा था ताकि ब्लैक दुगुने—तिगुने दामों पर इन्हें बेचा जा सके। जिला रसद विभाग को इसकी सूचना मिली तो उन्हें यहां छापामार कार्रवाई करते हुए 150 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए हैं। जिला रसद अधिकारी विनोद जुनेजा ने बताया कि जहां भी शिकायत मिल रही है, वहां हम कार्रवाई करने पहुंच रहे हैं। यहां सिलेंडरों के स्टॉक की सूचना के बाद सिलेंडर जब्त किए गए हैं। नियमानुसार एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर में फिर लगी कतारें
शहर में सिलेंडर की मांग को लेकर सुबह से ही कतारें लग रही हैं। एनईबी में सुबह ही इतनी लंबी कतार लगी कि शाम तक इसका टूटना मुश्किल है। लोगों का कहना है कि कई दिनों से बुकिंग करवा रखी है, लेकिन गैस संचालक सिलेंडर नहीं दे रहा है। लोग यहां गुस्साए भी नजर आए। हालांकि एनईबी थाना के नजदीक होने की वजह से यहां पुलिस की व्यवस्था है। शहर की अन्य गैस एजेंसियों पर भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। यही वजह है कि पुलिस को हर जगह हस्तक्षेप करके लोगों को सिलेंडर दिलवाने पड़ रहे हैं। हालांकि देश में एलपीजी से भरा हुआ जहाज पहुंच चुका है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही किल्लत पर लगाम लगेगी।
खुद कलक्टर को संभालनी पड़ी जिम्मेदारी
रसद विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई थी। कलक्टर ने दो दिन पहले दौरा किया तो रसद विभाग हरकत में आया और अब स्टॉक करने वाले एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। कलक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। नहीं तो अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।