
रमजान के महीने में जुमातुलविदा की नमाज शुक्रवार को अता की गई। अलवर शहर के रोड नंबर दो पर जामा मस्जिद व दाउदपुर मदरसा सहित अन्य मस्जिदों में दोपहर में सामूहिक रूप से रमजान की विशेष नमाज अता कर देश में अमन व चैन की दुआ मांगी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में रोजेदार मौजूद रहे। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अनस ने बताया कि रमजान में जुमा की नमाज विशेष होती है। उन्होंने बताया कि यह रमजान का अंतिम जुमा होता है इसलिए इस दिन ज्यादातर लोग नमाज में शामिल होते हैं। मौलाना ने शब-ए-कद्र की रात, सदका-ए-फितर और ईद के बारे में बताया।
चांद दिखा तो ईद-उल-फितर अगले सप्ताह
रमजान का अंतिम सप्ताह जारी है। चांद दिखा तो ईद-उल-फितर अगले सप्ताह मनाई जाएगी। मुस्लिम घरों में इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। मस्जिदों में रोशनी की जा रही है। ईद की खरीदारी के प्रति खासा उत्साह बना हुआ है। मस्जिद के बाहर जहां टोपी, इत्र आदि की खरीदारी हो रही है। वहीं चर्च रोड, मन्नी का बड़, तिलक मार्केेट, रोड नंबर दो पर मुस्लिम समाज के लोग कपड़े, टोपी, सेवइयां, फल, खजूर आदि खरीद रहे हैं।
जुमातुलविदा का यह है अर्थ
यह एक अरबी शब्द है। जिसका अर्थ होता है रमजान का आखिरी जुमा। मुस्लिम समुदाय दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाता है। जमात-उल-विदा को लेकर ऐसी मान्यता है कि पैगंबर मोहम्मद ने इस दिन अल्लाह की विशेष इबादत की थी।