गर्मियों का पंसदीदा फल तरबूज इन दिनों अलवर मंडी की शोभा बढ़ा रहा है। हालांकि अभी तरबूज की आवक कम ही है, लेकिन शहर में कई जगह तरबूज की ढ़ेरियां दिखाई देने लगी है। वहीं अप्रेल आते-आते पूरे शहर में तरबूज नजर आने लगेगा। फिलहाल अलवर में महाराष्ट्र व कर्नाटक का स्पेशल तरबूज बिक्री के लिए उपलब्ध है।
गर्मियों का पंसदीदा फल अलवर मण्डी की बढ़ा रहा शोभा
गर्मियों का पंसदीदा फल तरबूज इन दिनों अलवर मंडी की शोभा बढ़ा रहा है। हालांकि अभी तरबूज की आवक कम ही है, लेकिन शहर में कई जगह तरबूज की ढ़ेरियां दिखाई देने लगी है। वहीं अप्रेल आते-आते पूरे शहर में तरबूज नजर आने लगेगा। फिलहाल अलवर में महाराष्ट्र व कर्नाटक का स्पेशल तरबूज बिक्री के लिए उपलब्ध है।
सबसे खास महाराष्ट्र का बाहुबली तरबूज :
अलवर मंडी में महाराष्ट्र के नांदेड, बीड, शोलापुर व कर्नाटक से बैंग्लुरू के तरबूज की आवक हो रही है। इसमें सबसे खास महाराष्ट्र का बाहुबली तरबूज है। जानकारों के अनुसार वैसे तो तरबूज की करीब 70 अलग-अलग वैरायटियां है, लेकिन महाराष्ट्र का बाहुबली तरबूज अपने स्वाद व मिठास कारण सबसे लाजवाब है। इसका वजन करीब 5 किलोग्राम तक होता है।
सेहत के लिए भी फायदेमंद:
विशेषज्ञों के अनुसार तरबूज पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें 90 प्रतिशत पानी के साथ ही प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम एवं जिंक सहित कई प्रकार के जरुरी विटामिन होते हैं। इससे यह ह्दय, पेट, कैंसर, मांसपेशियां, दमा, रक्तचाप, नेत्र रोग, मधुमेह,हीट स्ट्रोक, हड्डी, मसूड़े, बाल व त्वचा सहित कई बीमारियों में लाभदायक है।
अप्रेल में होगी स्थानीय आवक शुरू:
तरबूज के थोक विक्रेता राजेश शर्मा के अनुसार राजस्थान सहित उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब एवं हरियाणा में तरबूज की खूब पैदावार होती है। वहीं, अभी बाहर से प्रतिदिन करीब 280 क्विंटल तरबूज की आवक हो रही है। वहीं, 10 अप्रेल के बाद जिले के बहरोड़ व बानसूर आदि क्षेत्रों से तरबूज की आवक शुरू होने से भाव में कमी आने की संभावना है।