बहरोड़ नगर पालिका उपाध्यक्ष की मौत में कुख्यात बदमाश अशोक ठाकरिया का हाथ है।
बहरोड़. अशोक यादव उर्फ ठाकरिया और नगर पालिका पार्षद त्रिलोक यादव की दुश्मनी किशोर अवस्था से थी। दोनों के बीच अक्सर मारपीट होती रहती थी। बाद में दोनों ने प्रोपर्टी व्यवसाय में कदम रखा और विवादास्पद प्रोपर्टी खरीद बेचान को लेकर एक दूसरे के बीच विवाद बढ़ता ही रहा। जिसको लेकर एक दूसरे को मारने के लिए सुपारी देने की बातें शुरू हुई और गुट बन गए।
त्रिलोक के गुर्गे प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा ने अशोक उर्फ ठाकरिया के घर पर फायरिंग की। जिसके कुछ दिनों बाद 23 अक्टूबर 2014 को दिवाली के दिन अशोक उर्फ ठाकरिया ने अपने साथियों व शूटरों के साथ त्रिलोक के घर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। मामले में गिरफ्तारी के बाद से ही अशोक जेल मे बंद है। तीन साल पूर्व मामले में मुख्य गवाह त्रिलोक की मां की हत्या करने को लेकर 50 लाख की सुपारी देने का मामला भी दर्ज हुआ था। जिसके बाद त्रिलोक के परिजनों को पुलिस सुरक्षा मिल गई।
पूर्व में भौंडसी जेल और अब हाई सिक्योरिटी जेल में रहने के दौरान अशोक के सम्पर्क कई बड़े बदमाश गिरोह से हो गए। जिसके चलते ही उसने जेल मे बैठ कर पालिका उपाध्यक्ष राकेश शर्मा की हत्या की पटकथा लिखकर उसको मूर्त रूप अपने सहयोगियों के माध्यम से दे दिया।
कभी एक साथ थे राकेश और अशोक
पालिका उपाध्यक्ष राकेश शर्मा और अशोक उर्फ ठाकरिया कभी एक साथ थे। जिसका कारण राकेश शर्मा की पार्षद त्रिलोक यादव से नहीं बनना था। लेकिन बाद में राकेश त्रिलोक हत्याकांड में उसकी मां की गवाही कराने में मदद करने लगा, जिससे अशोक और राकेश के बीच बिगड़ गई।
पुलिस हवलदार का बेटा है सोनू
शूटरों को 2 लाख रुपए और बाइक उपलब्ध कराने वाले युवक सोनू के पिता कृष्ण कुमार राजस्थान पुलिस में हवलदार है। जिसका घर बहरोड़ थाने के पीछे ही है। सोनू अशोक उर्फ ठाकरिया के स्थानीय साथी जिसमें से कुछ त्रिलोक पार्षद हत्या मामले में जमानत पर चल रहे हैं, उनके साथ रहता था जो अब फरार है। जिसको लेकर पुलिस मान रही है कि उसको राशि और बाइक इन्हीं स्थानीय सहयोगियों ने शूटरों को देने के लिए उपलब्ध करवाई थी। सोनू की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई राज खुलेंगे।