सोमवार को रक्षाबंधन का त्योहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। दोपहर 01:30 तक भद्रा है, जिसके चलते दोपहर 01.48 से शाम 04. 22 और प्रदोष काल के समय में शाम 06.57 से रात्रि 09.10 तक राखी बांधने का समय शास्त्र समत एवं सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
सोमवार को रक्षाबंधन का त्योहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। बहनें शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को राखी बांधेंगी और भाई भी उन्हें उपहार देंगे। त्योहार पर इस बार भद्रा का साया है। इस वजह से बहने दोपहर 1.30 बजे बाद ही राखी बांध पाएगी। शास्त्र अनुसार रक्षाबंधन में भद्रा टाली जाती है।
इस दिन दोपहर 01:30 तक भद्रा है, जिसके चलते दोपहर 01.48 से शाम 04. 22 और प्रदोष काल के समय में शाम 06.57 से रात्रि 09.10 तक राखी बांधने का समय शास्त्र समत एवं सर्वश्रेष्ठ रहेगा। चर, लाभ, अमृत का चौघड़िया दोपहर 02.07 से रात्रि 08:20 तक रहेगा। दोपहर 01.48 से शाम 04. 22 तक विशेष मुहूर्त रहेगा तथा प्रदोष काल में शाम 6.57 से रात्रि 9.10 तक मुहूर्त रहेगा। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन सोमवार को दोपहर 01. 32 तक नाग लोक नैऋत्य दिशा की भद्रा रहेगी। राखी की थाली में रोली, कुमकुम, नारियल, राखी, दीपक जरूर रखें।