
अलवर ञ्च पत्रिका. प्रदेश की शान रहे राजर्षि महाविद्यालय का खेल महाविद्यालय में अब खेल सुविधाओं का हाल बेहाल हैं। यहां के खेल मैदान की दुर्दशा हो रही है।
राजर्षि महाविद्यालय में बीते कई वर्षों से खेल सुविधाओं के नाम पर विद्यार्थियों को अव्यवस्था ही मिली है। यहां हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि यहां के खेल मैदान में कंकर, पत्थर और गंदगी मिल जाएगी। यहां के वेट लिफ्टिंग के लिए बने प्रेक्टिस सेंटर पर कुछ ही युवाओं को मौका दिया जाता है। इसी प्रकार यहां दौड़ के लिए बने ट्रेक के हालात खराब है जिस पर दौड़ लगाने में परेशानी हो सकती है। यहां के बास्केटबाल के ख्ेाल मैदान की हालत खराब है। इसकी रिंग टूटी हुई है। यहां लाइट तक का कोई इंतजाम नहीं है।
विद्यार्थियों ने बताया कि यहां के खेल अधिकारी का कार्यालय अधिकतर बंद रहता है जिससे यहां खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन नहीं मिलता है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रत्तीराम सैनी का कहना है कि राजर्षि महाविद्यललय में सिंथेटिक ट्रैक आसानी से बन सकता है। इसी प्रकार अन्र्तराष्ट्रीय धावक धारा यादव का कहना है कि राजर्षि महाविद्यालय में सिंथेटिक ट्रेक बनाया जा सकता है।
करोड़ों का कोष, खेल मैदान की दुर्दशा
राजर्षि महाविद्यालय के खेल मैदान की हालत खराब है। यहां के छात्र विकास कोष में एक करोड़ से अधिक की राशि है जिसे प्राचार्य खेल मैदानों के विकास और यहां सुविधाओं के विकास के लिए खर्च नहीं कर रही है। इस बारे में खिलाडिय़ों का कहना है कि बीते कई सालों में अलवर जिले में खेलों के विकास के नाम पर राजनीति की जा रही है। यहां खेल गतिविधियो को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। राजर्षि महाविद्यालय में खेल सुविधाओं के विकास की दरकार है जिस पर कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां के खेल अधिकारी दूसरों को नसीहत दे रहे हैं जबकि यहां के खेल मैदानों की हालत खराब है।