अलवर का ऐतिहासिक बाला किला पिछले चार माह से आमजन के लिए बंद है। इस दौरान यहां मानव गतिविधियां पूरी तरह थमी हुई हैं। इसी वजह से अब इस इलाके में एक बाघिन के टेरेटरी बनाने की संभावना जताई जा रही है। यहां पर्यावरण प्रेमियों को कई जानवरों के कंकाल मिले हैं।
अलवर का ऐतिहासिक बाला किला पिछले चार माह से आमजन के लिए बंद है। इस दौरान यहां मानव गतिविधियां पूरी तरह थमी हुई हैं। इसी वजह से अब इस इलाके में एक बाघिन के टेरेटरी बनाने की संभावना जताई जा रही है। यहां पर्यावरण प्रेमियों को कई जानवरों के कंकाल मिले हैं। वन विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि बाघिन यहां पहले कई बार पर्यटकों को नजर आ चुकी है। बाला किला मार्ग कुछ दिनों बाद शुरू होगा, तो फिर बाघिन को मानवीय दखल के कारण अपना ठिकाना बदलना पड़ सकता है।
सरिस्का की बाघिन एसटी-2302 बाला किला में पहले कई बार नजर आ चुकी है, लेकिन टेरेटरी बनाने के प्रमाण नहीं मिल रहे थे। अब इस एरिया में कई जानवरों का शिकार हुआ है, जिसके कंकाल मिले हैं। कुछ पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि एसटी-2303 के यहां टेरेटरी बनाने की संभावना है। इस एरिया में लगातार उसकी आवक है। वह जानवरों का शिकार भी कर रही है।
करणी माता मेला 22 सितंबर से एक अक्टूबर तक भरेगा, लेकिन बाला किला मार्ग क्षतिग्रस्त है। मिट्टी के कट्टों के जरिए कुछ सुधार किया गया है, लेकिन मेले तक समुचित सुधार होना संभव नहीं। बनाया गया मार्ग कितना मजबूत होगा, यह भी नहीं पता है। ऐसे में प्रशासन 11 सितंबर को इसको लेकर बैठक करने जा रहा है।
बाला किला एरिया में एसटी- 2302 पर्यटकों को काफी दिख रही थी। मार्ग क्षतिग्रस्त के कारण मानवीय दखल बंद हुआ, तो यह बाघिन स्वच्छंद रूप से विचरण कर रही है। वह यहीं पर रहने लगी है - शंकर सिंह, रेंजर