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‘सर… बस में सीट नहीं है, चालक केबिन में बैठने नहीं दे रहा, आप कुछ करो’

Rajasthan Roadways news : सर... जयपुर रूट की बस से बोल रहा हूं। बस में सीट नहीं है और चालक अपने केबिन में बैठने नहीं दे रहा। आप कुछ कहें। ये वो शिकायतें हैं, जिनसे रोडवेज अधिकारियों को रोजाना दो-चार होना पड़ता है।

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अलवर

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kamlesh sharma

Mar 11, 2026

राजस्थान रोडवेज

Rajasthan Roadways news : अलवर। सर… जयपुर रूट की बस से बोल रहा हूं। बस में सीट नहीं है और चालक अपने केबिन में बैठने नहीं दे रहा। आप कुछ कहें। ये वो शिकायतें हैं, जिनसे रोडवेज अधिकारियों को रोजाना दो-चार होना पड़ता है। सुबह और शाम ही नहीं, देर रात को भी यात्री फोन करने से गुरेज नहीं करते। इसके चलते अधिकारियों की नींद हराम हो गई है।

दरअसल, रोडवेज बस में मुख्य प्रबंधक, प्रबंधक संचालन और प्रबंधक यातायात सहित कुछ अधिकारियों के नंबर होते हैं। यह नंबर इसलिए लिखे गए हैं, ताकि यात्री को कोई परेशानी हो तो वह इन नंबरों पर फोन घुमाकर शिकायत कर सकता है। यही वजह है कि यात्री इन पर नंबर घुमा देते हैं और समस्या को दूर करने के लिए कहते हैं।

रोजाना 10 से 15 फोन आते हैं

अधिकारियों के पास रोजाना 10 से 15 फोन इन्हीं शिकायतें के आते हैं। इनमें विंडो नहीं खोलने दे रहे, परिचालक का व्यवहार अच्छा नहीं है, सीट पर बैठने नहीं दिया जा रहा और किराया ज्यादा है जैसी शिकायतें अधिकारियों को मिलती हैं। इसके अलावा चालक द्वारा गलत तरीके से वाहन चलाने को लेकर भी यात्री शिकायत करते हैं। इनका हाथोंहाथ निपटारा भी करवाया जाता है, लेकिन रात्रि के समय आने वाली शिकायतें अधिकारियों के लिए जी का जंजाल बन गई हैं।

शराबियों से यात्री सर्वाधिक परेशान

बसों में शराब पीकर यात्रा करने वाले लोगों से यात्री सर्वाधिक परेशान हैं। रोडवेज प्रबंधन ने कमाई का टारगेट तय कर रखा है, इस वजह से परिचालकों के समक्ष यात्री को बैठाना मजबूरी है, लेकिन शराब की बदबू के कारण यात्रियों का बैठना मुश्किल हो जाता है। इसकी शिकायतें भी समय-समय पर रोडवेज प्रबंधन के पास पहुंचती रहती हैं।

हम यात्रियों की सेवा में 24 घंटे उपलब्ध हैं। फोन पर जो भी शिकायतें आती हैं, उनका हाथोंहाथ निपटारा करवाते हैं, ताकि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हो।
कुलदीप शर्मा, मुख्य प्रबंधक, मत्स्य नगर डिपो