जिले में करीब दस हजार से ज्यादा युवाओं का अटका भत्ता अलवर. लोकसभा चुनाव की मार जिले के बेेरोजगारों पर पड़ी हैं। चुनाव के चलते बजट नहीं आने से बेरोजगारी भत्ते की राशि नहीं मिल पाई है। जिले के करीब दस हजार से ज्यादा युवाओं को मिलने वाली भत्ते की राशि नहीं मिल पाई है। जनवरी माह में ही जयपुर मुख्यालय से 1072 आवेदन स्वीकृत कर दिए हैं। लेकिन बजट नहीं मिलने पर इनके खातो में राशि नहीं पहुंच पाई है।
भत्ता नहीं मिलने पर इटर्नशिप में रूझान घटा
मुख्यमंत्री युवा संबंध योजना का संचालन सन 2019 से किया जा रहा है। इस योजना के तहत भत्ता लेने के लिए पहले इंटर्नशिप करनी होती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। फरवरी माह तक जिले में 13 हजार 47 युवाओं ने आवेदन किया था। इसमें से कुल 12680 आवेदकों ने इंटर्नशिप में उपिस्थति दर्ज करवाई। भत्ता नहीं मिलने पर युवाओं का रूझान कम हो गया है।
------- ये अटके हैँ काम
लोकसभा चुनाव के आचार संहिता लागू होने के कारण बेरोजगारी भत्ते के आवेदन पत्र, वेरीफाई करना, विभाग का आवंटन, विभाग बदलने की प्रक्रिया एवं नई ज्वाइनिंग आदेश जारी करने जैसे काम रूके हुए हैं। आचार संहिता समाप्ति पर रोजगार सेवा निदेशालय के अनुसार काम किया जाएगा।
बेरोजगार दीपाली गुप्ता ने बताया कि मैं भत्ता लेने के लिए पिछले चार महिने से पीडब्यूडी में इंटर्नशिप पर काम किया था। ऑनलाइन हाजरी भी करवा दी। अब सरकारी पुस्तकालय में काम कर रही हूं। चार चार घंटे काम करने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है। रामनिवास यादव ने बताया कि मैंने गांव के स्कूल में नियमित काम किया, इसी उम्मीद में कि सरकारी पैसा है जरूर आएगा लेकिन मुझे पिछले छह माह से भत्ता का भुगतान नहीं हुआ है।
इधर. विभागीय अधिकारी का कहना है कि चुनाव के चलते नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। बेरोजगारी भत्ता का बजट आगे से ही नहीं आया है। अगस्त 2023 तक का भत्ते का भुगतान किया जा चुका है। अगस्त 2023 के एसटी,एससी श्रेणी के बिल स्वीकृत हो चुके हैं। सामान्य वर्ग के लिए सितंबर से बजट नहीं आया है।