बैठक के दौरान एएसपी सहित अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद। सांसद बोलीं, मुझे सम्मान के बतौर बैठाया था।
खेरली. स्थानीय थाने में भरतपुर सांसद थाना अधिकारी की कुर्सी पर जा बैठी। एएसपी, एसडीएम डीएसपी, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी उनके सामने बैठे रहे। इस विषय में जब सांसद संजना जाटव से बात की तो उन्होंने दूसरा फोन चल रहा है कुछ ही देर में बात करती हूं, यह कहकर फोन काट दिया। बाद में सांसद के पति कप्तान सिंह जाटव ने फोन कर बताया कि अधिकारियों ने मैडम को बैठक के लिए बुलाया था। बाकी प्रोटोकॉल के विषय में मैडम पता कर रही है।
कुछ देर बाद सांसद संजना जाटव ने बताया कि एससी एसटी के मामले में बैठक थी, जिसमें मुझे सम्मान के बतौर बैठाया था। अधिक जानकारी मुझे नहीं है, जबकि कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक नगर थानाधिकारी की कुर्सी पर बैठने के दौरान विपक्ष ने आलोचना की थी। इधर एसडीएम कठूमर सुखराम पिंडेल ने बताया कि प्रदर्शनकर्ताओं से ज्ञापन लेने के बाद सभी अधिकारी थाने में बैठे थे, जिसमें सीनियर होने के कारण एएसपी थानाधिकारी की कुर्सी पर बैठी हुई थी। सांसद के आने पर उन्होंने कुर्सी छोड़ी तो सांसद उस पर बैठ गई। एएसपी ग्रामीण प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि मैंने विधिक प्रक्रिया का पालन किया है। सांसद के कुछ विशेष अधिकार होते हैं। जिनका पालन किया गया है।
इस मामले में भरतपुर सांसद संजना जाटव का कहना है कि एससी-एसटी के मामले में बैठक थी, जिसमें मुझे सम्मान के बतौर बैठाया था। बाकी अधिक जानकारी मुझे नहीं है। इधर कठूमर विधायक रमेश खींची का कहना है कि कोई भी जनप्रतिनिधि सरकारी कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी पर नहीं बैठ सकता। सरकारी कार्यालय से बाहर कहीं अन्य मीटिंग हो रही हो तो उसमें मुख्य कुर्सी पर बैठकर पास में अन्य अधिकारी बैठते हैं। सांसद का थाना अधिकारी की कुर्सी पर बैठना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।