
अलवर. शहर में आवारा पशुओं से होने वाली घटनाएं अब आमजन को डराने लगी हैं। रविवार देर शाम अपने घर से बड़े बेटे के मकान पर जा रही निचला सोनावां डूंगरी निवासी एक 85 वर्षीया वृद्धा को सांड ने घायल कर दिया। घटना में वृद्धा के कूल्हे की हड्डी चटक गई। उसके एक पैर में 25 टांके आए तो दूसरे में फै्रक्चर हो गया। लहूलुहान महिला को गंभीर हालत में सामान्य चिकित्सालय के ट्रोमा वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां से अगले दिन उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
निचला सोनावां डूंगरी निवासी वृद्धा भगवती पत्नी छुट्टनलाल सैनी की बहू संगीता सैनी ने बताया कि उसकी सास रविवार शाम करीब छह बजे समीप स्थित अपने बड़े बेटे के घर जा रही थी। वह घर के बाहर ही पहुंची थी कि एक सांड तेजी से भागता आया और उसकी सास को टक्कर मार दूर फेंक दिया। अचानक हुए हमले से उसकी सास का जगह-जगह से मांस फट गया और खून बहने लगा। सास के रोने-चिल्लाने की आवाज सुन पड़ोसी सहित परिजन दौड़े-दौड़े मौके पर पहुंचे और सांड को भगा सास को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसके बाएं पैर में 25 टांके लगाए। वहीं, एक्सरे में दाएं पैर व कूल्हे की हड्डी में फैक्चर मिला।
पिछले साल एक बुजुर्ग की हुई मौत
निचला सोनावां डूंगरी निवासियों ने बताया कि सोनावां डूंगरी क्षेत्र में आवारा पशुओं का आंतक लम्बे समय से बना हुआ है। पिछले साल भी ऊपरी सोनावां क्षेत्र में सांड की टक्कर से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। अब फिर से सांड ने एक बुजुर्ग महिला को घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए कई बार नगर परिषद में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पहले भी हुए हैं हादसे
शहर में आवारा पशुओं के हमले में इससे पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। 7 फरवरी 18 को कांशीराम चौराहे के पास एक आवारा सांड ने एक बुजुर्ग महिला पिस्ता देवी का पेट फाड़ दिया। बाद में महिला के पेट पर करीब 70 टांके लगाने पड़े। इसके कुछ दिन बाद 19 फरवरी 18 को केन्द्रीय कारागार के सामने स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी दुर्गाप्रसाद शर्मा की पत्नी 85 वर्षीया कमला देवी को सांड ने टक्कर मार दी। घटना में वृद्धा की कमर व छाती में चोटें आई। उसकी नाक से खून का फव्वारा बह निकला।