
करीना ने अपनी मां की सपना किया पूरा
अलवर. जिस नट समाज में बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं दी जाती, वहां सुकल गांव की करीना ने स्नातक की शिक्षा पूरी कर एक नई मिसाल पेश की है। आर्थिक तंगी, सामाजिक परंपराओं और पढ़ाई के लिए लंबा सफर तय करने जैसी चुनौतियों के बावजूद करीना ने हार नहीं मानी। आज उसकी सफलता से गांव की दूसरी बेटियां भी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने लगी हैं। करीना ने अपनी पढ़ाई को केवल खुद तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अब वह गांव के दूसरे बच्चों को भी पढ़ा रही है, ताकि वे शिक्षित होकर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
गांव में नट समाज के 200 से अधिक परिवार रहते हैं। यहां परंपरागत रूप से नाच-गाना आजीविका का एक प्रमुख साधन रहा है। ऐसे में कई परिवारों में बेटियों को पढ़ाने के बजाय पारंपरिक काम सिखाने पर जोर दिया जाता है। कम उम्र में शादी की परंपरा भी उनकी शिक्षा के रास्ते में चुनौती बनती है। ऐसे माहौल में करीना का स्नातक तक पहुंचना गांव के लिए बदलाव की एक अहम मिसाल है।
करीना के पिता का नाम वेद प्रकाश है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उसके माता-पिता हर साल रोजी-रोटी कमाने के लिए पंजाब चले जाते थे। परिवार चाहता था कि इकलौती बेटी करीना भी परंपरागत काम में हाथ बंटाए, लेकिन करीना पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहती थी। गांव में आठवीं कक्षा तक ही स्कूल था। इसके बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए वह अपने नाना-मामा के पास रही। दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई के लिए उसे दूसरे गांव तक पैदल जाना पड़ता था। मुश्किलों के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और बाद में अलवर के जीडी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा पूरी की।
करीना की पढ़ाई के सफर में उसकी मां ने हमेशा उसका हौसला बढ़ाया। मां चाहती थीं कि बेटी पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बने और अपनी पहचान बनाए। करीना ने ग्रेजुएशन पूरा कर मां का सपना तो साकार कर दिया, लेकिन अफसोस कि उसकी इस सफलता को देखने के लिए मां अब दुनिया में नहीं हैं। करीना की मेहनत अब गांव में बदलाव के रूप में दिखाई देने लगी है। जिस पढ़ाई के लिए कभी उसे विरोध का सामना करना पड़ा, आज उसी सफलता को देखकर दूसरी बेटियां भी स्कूल जाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। करीना अब गांव के बच्चों को पढ़ाने में भी जुटी है। उसका प्रयास है कि शिक्षा की कमी के कारण किसी बच्चे का भविष्य पीछे न रह जाए। उसकी कहानी बताती है कि मुश्किल हालात के बावजूद पढ़ाई जारी रखने का फैसला न केवल किसी एक व्यक्ति की जिंदगी बदल सकता है, बल्कि पूरे समाज की सोच को भी नई दिशा दे सकता है।
Updated on:
17 Oct 2026 01:56 pm
Published on:
17 Oct 2026 01:56 pm
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