
लोकसभा चुनाव के चलते इस बार मई माह में होने वाली शादियों के लिए वाहनों का मिलना मुश्किल रहेगा। वाहनों के ना मिलने से शादियों में आने जाने में काफी परेशानी रहेगी। राजस्थान में ६ मई को लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं । इसके चलते प्रशासन की ओर से निजी व सरकारी वाहनों को अधिकृत किया जाता है।
ये वाहन पोल्ंिाग पार्टिंयों को लाने ले जाने सहित अन्य काम में लिए जाते हैं। इस दौरान प्रशासन की ओर से करीब ६ हजार वाहनों को अधिकृत किया जाएगा। इधर, ६ मई को शादी का बड़ा सावा है तथा ७ मई को अक्षय तृतीया का बड़ा सावा है। इसे अबुझ सावा कहा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन सबसे ज्यादा शादियां होती है।
शादियों के लिए वाहनों की अधिक आवश्यकता होती है। एेसे मेंे जब वाहन प्रशासन अधिकृत कर लेगा तो शादियों की रौनक भी फीकी पड़ सकती है। इधर, रोडवेज की बसें मिलना भी मुश्किल होगा। क्योंकि बसें भी प्रशासन के पास ही रहती है।
६ मई को चुनाव होने के बाद ७ मई को वाहनों का अपने स्थान पर लौटना भी मुश्किल है। एेसे में दो दिन तक वाहनों की परेशानी रहेगी। जिन परिवारों में इन दो दिनों के दौरान शादियां उन्हें अभी से ही वाहनों की चिंता सताने लगी है। क्योंकि शादी के लिए वाहनों का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
एेसे में जो वाहन मिल रहे हैं वो मुंह मांगें दाम मांग रहे हैं जो काफी महंगा साबित हो रहा है। इससे शादी वाले परिवारों पर दोहरी मार पड़ सकती है। वाहनों की परेशानी को देखते हुए लोग अपने शादियों की तारीख बदलने पर भी विचार कर रहे हैं।