अलवर

अफसरों के गुड प्रैक्टिस मॉडल को पूरे देश में लागू करेगी सरकार, मांगे प्रशासनिक सुधार के अनुभव

केंद्र सरकार अब राज्यों के अधिकारियों द्वारा किए गए नवाचारों और सफल प्रयोगों को देशभर में लागू करने की तैयारी में है। प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने अधिकारियों से उनके 'गुड प्रैक्टिस मॉडल' साझा करने को कहा है, जिससे एक जिले की सफलता अब पूरे देश की पहचान बन सकेगी।

2 min read
May 10, 2026
'विद्या कुंज' पार्क लाइब्रेरी

केंद्र सरकार ने देशभर के अधिकारियों से उनके सफल गुड प्रैक्टिस मॉडल और प्रशासनिक सुधारों के अनुभव साझा करने को कहा है, ताकि एक जिले या राज्य में सफल रहे मॉडल को पूरे देश में लागू किया जा सके। केंद्र के निर्देश पर राजस्थान सरकार ने सभी विभागों और जिला प्रशासन को अपने सफल मॉडल भेजने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किए गए हैं कि अधिक से अधिक अधिकारी इस पहल में शामिल हों। कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों में कार्यरत अधिकारियों के पास प्रशासनिक अनुभव का बड़ा भंडार है। कई अधिकारी अपने स्तर पर ऐसे प्रयोग और सुधार करते हैं, जो व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाते हैं, लेकिन वे सीमित दायरे तक ही रह जाते हैं। अब इन अनुभवों को दस्तावेज के रूप में तैयार कर राष्ट्रीय मंच पर साझा किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

रणथंभौर का धारा 144 मॉडल सरिस्का में बढ़ा सकता है चीतल की संख्या

छोटे बदलाव भी कर सकते हैं लागू

इस पहल की खास बात यह है कि इसमें केवल बड़े सुधार ही नहीं, बल्कि छोटे बदलावों को भी शामिल किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी ने कार्यालय की प्रक्रिया को आसान बनाया हो, योजनाओं की मॉनिटरिंग का नया तरीका अपनाया हो, तकनीक के जरिए आमजन को राहत पहुंचाई हो या स्थानीय स्तर पर किसी जटिल समस्या का प्रभावी समाधान निकाला हो तो उसे भी गुड प्रैक्टिस माना जाएगा।

31 मई तक भेजने होंगे प्रस्ताव

राजस्थान सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अधिकारियों को अपने प्रस्ताव सीधे नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) को 31 मई तक ईमेल करने होंगे। अधिकारी हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में अधिकतम सात पेज का टाइप किया हुआ नोट भेज सकेंगे। इसके बाद प्रस्तावों की जांच, बाहरी वैलिडेशन और स्क्रूटनी कमेटी द्वारा समीक्षा की जाएगी। चयनित मॉडलों को केंद्र सरकार और एनसीजीजी के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि दूसरे अधिकारी भी उन्हें अपनाकर प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ा सकें।

विद्या कुंज लाइब्रेरी की हो चुकी है सराहना

अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बुद्ध विहार के डी ब्लॉक में राजस्थान की पहली पार्क लाइब्रेरी शुरू की हुई है। विद्या कुंज नामक इस पुस्तकालय में प्रकृति के बीच बैठकर पढ़ने की आधुनिक सुविधा दी गई है। लाइब्रेरी का मुख्य आकर्षण यहां बना अत्याधुनिक कांच का हॉल है। डिजिटल युग में किताबों से दूरी कम करने के उद्देश्य से की गई इस अभिनव पहल की प्रशंसा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी की है।

Published on:
10 May 2026 11:58 am
Also Read
View All