अलवर के तिजारा क्षेत्र में एक मामूली सी बात ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। हमीरका गांव में खेत में बकरी घुसने के विवाद को लेकर चाचा-ताऊ के परिवार आमने-सामने हो गए।
अलवर के तिजारा क्षेत्र में एक मामूली सी बात ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। हमीरका गांव में खेत में बकरी घुसने के विवाद को लेकर चाचा-ताऊ के परिवार आमने-सामने हो गए। जिस घर में आज शुक्रवार को बारात आनी है, वहां गुरुवार शाम को लाठी-डंडों से हमला कर जमकर उत्पात मचाया गया।
तिजारा के हमीरका गांव में शुक्रवार को एक घर में शादी की शहनाइयां बजनी थीं, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले वहां चीख-पुकार मच गई। घायल सलीम के अनुसार उसकी बहन की शादी है और वह गुरुवार शाम को शादी का सामान लेकर घर पहुँचा ही था। इसी दौरान उनकी एक बकरी चाचा महबूब के खेत में घुस गई। यह बात चाचा के परिवार को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने लाठी-डंडों से लैस होकर हमला बोल दिया।
आरोप है कि खेत में बकरी जाने के विवाद के बाद महबूब, इस्लाम, मोबीन सहित करीब 40 से 50 लोग सलीम के घर पर आ धमके। हमलावरों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ भी की। हमले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें 30-40 लोग हाथ में डंडे लिए हमला करते साफ दिखाई दे रहे हैं।
शादी वाले घर में हुई इस हिंसा में हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी बाइक और खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी के लिए खरीदा गया कीमती सामान भी बर्बाद कर दिया गया और घर से कुछ गहने भी गायब हो गए हैं।
इस हमले में मुस्तफा और सलीम नाम के दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मुस्तफा को तिजारा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि सलीम की हालत नाजुक होने के कारण उसे अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। सलीम के सिर में करीब 12 टांके आए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।