होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, कारखाने व ऑटोमोबाइल की दुकानों पर बाल श्रम हो रहा है
अलवर. बहरोड़ क्षेत्र के होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, कारखाने व ऑटोमोबाइल की दुकानों पर खूब बाल श्रम हो रहा है, लेकिन बाल श्रमिकों के शोषण की तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं है।
बाल श्रम को रोकने के लिए कानून बना हुआ है। उसके बाद भी बाल श्रम रोकने के प्रयास असफल बने हुए हैं। कई बार बाल श्रमिक को लेकर कार्रवाई भी हो चुकी है, लेकिन व्यवसायिक लोग दुबारा से बाल मजदूरों को रखने लगे हैं। ऐसी स्थिति में नाबालिग बच्चों का भविष्य बिगड़ रहा है। माता-पिता को बच्चों के भविष्य के बारे में कतई परवाह नहीं है। व्यवसायिक लोग सस्ते के चक्कर में बच्चों से कार्य करवाते हैं।
क्षेत्र में दर्जनों जगह नाबालिग बच्चे कार्य करने में लगे हुए हैं। जिनमें अधिकतर बच्चे दूसरे राज्यों से आकर मजदूरी कर रहे हैं। मुख्य मार्ग पर विभिन्न जगहों पर मूंगफली बेचने, छोला भटूरा की रेहड़ी, मैकेनिकों की दुकानों में, हाइवे पर स्थित होटल-ढाबों में नाबालिग बच्चे कार्य कर रहे है।
पढऩे की उम्र में मजदूरी कर रहे बच्चे
कस्बे मे मंगलवार को अनेक जगह पर जाकर देखने पर सामने आया कि कस्बे के मुख्य मार्ग पर खुले में बाल श्रमिक काम कर रहे हैं। जहा से रोजाना पुलिस प्रशासन के अधिकारी आवागमन करते हैं। उसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और लोग बाल श्रमिकों का जमकर शोषण कर रहे हैं।
कोई सुविधाए नहीं है
कस्बे में बाल श्रमिकों से बात करने पर सामने आया कि उनके मालिक उनको हर समय में काम में लगा कर रखते है। रहने खाने की सुविधाएं भी ठीक नहीं है। छुट्टी मांगने पर बकाया मजदूरी नहीं देकर मारपीट कर भगा देते हैं।
कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में बाल श्रमिक है तो उनका सर्वे करवाकर श्रम विभाग व पुलिस प्रशासन की ओर से संयुक्त कार्रवाई कर उनको मुक्ति दिलाई जाएगी।
सुरेश यादव, उप जिला कलक्टर बहरोड़।
क्षेत्र में कहीं बाल श्रमिकों का शोषण हो रहा है तो उसकी शिकायत या सूचना दें। पुलिस तुरन्त कार्रवाई करेगी।
-जनेश सिंह तंवर, पुलिस उप अधीक्षक, बहरोड़।