15 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में 86KM लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे से बदलेगी तस्वीर, 45 मिनट में पूरा होगा कोटपूतली से अलवर का सफर

Rajasthan Super Expressway: पनियाला से बड़ौदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के पूरा होने से कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और अलवर जिले की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Anil Prajapat

Jun 15, 2026

Paniyala-Barodamev Super Expressway

पनियाला से बड़ौदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे के काम ने पकड़ी रफ्तार। फोटो: पत्रिका

Paniyala-Barodamev Super Expressway: अलवर। सोड़ावास के समीप पनियाला से बड़ौदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की यह महत्वाकांक्षी परियोजना धरातल पर तेजी से आकार ले रही है। परियोजना के पूरा होने से कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और अलवर जिले की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

यह एक्सप्रेस-वे क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलेगा और औद्योगिक, व्यापारिक तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मार्ग सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़कर क्षेत्र को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ेगा। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में 40 किलोमीटर और दूसरे चरण में 46 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण किया जाएगा। एनएचएआई के ठेकेदार द्वारा पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और इसे 16 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

1748 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा छह लेन मार्ग

परियोजना के उप प्रबंधक विशन शर्मा के अनुसार हाईवे निर्माण के लिए कुल 1748 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। सड़क की कुल चौड़ाई 100 मीटर होगी, जिसमें 60 मीटर भाग सड़क निर्माण और 40 मीटर भाग हरित पट्टी के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। यह अत्याधुनिक छह लेन एक्सप्रेस-वे होगा।


इन गांवों को मिलेगा लाभ

इस परियोजना से तीन जिलों के कुल 55 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इनमें कोटपुतली क्षेत्र के 2, बानसूर के 15, मुंडावर के 9, किशनगढ़बास के 2, अलवर के 16, रामगढ़ के 9 तथा लक्ष्मणगढ़ के 2 गांव शामिल हैं। हाईवे के निर्माण से क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

यात्रा होगी आसान, समय और ईंधन की बचत

एक्सप्रेस-वे बनने के बाद कोटपूतली से अलवर की यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर मात्र 45 मिनट रह जाएगा। वहीं, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से मुंबई एवं गुजरात जाने वाले वाहनों को दिल्ली होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

बनेगा मल्टी-लेन जंक्शन हब

पनियाला में यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अंबाला ग्रीन फील्ड हाईवे और जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। इसके चलते यह क्षेत्र भविष्य में एक प्रमुख मल्टी-लेन जंक्शन हब के रूप में विकसित होगा। साथ ही भविष्य में इसे नीमकाथाना बायपास से भी जोड़ने की योजना है। परियोजना में पनियाला, खैरथल और अलवर के पास तीन इंटरचेंज, 46 व्हीकल अंडरपास तथा दो फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है।