नौगांवा. राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम चरण में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों को कम्पोजिट ग्रांट जारी की है। अलवर जिले के 553 स्कूलों को कुल 3.25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन सत्र समाप्ति से महज तीन कार्य दिवस पहले राशि मिलने से इसे खर्च करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। यदि […]
नौगांवा. राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम चरण में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों को कम्पोजिट ग्रांट जारी की है। अलवर जिले के 553 स्कूलों को कुल 3.25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन सत्र समाप्ति से महज तीन कार्य दिवस पहले राशि मिलने से इसे खर्च करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। यदि 31 मार्च तक यह राशि खर्च नहीं हुई, तो यह पूरी तरह से लैप्स हो जाएगी।
कम्पोजिट ग्रांट नामांकन के आधार पर दी जाती है। 1 से 30 छात्रों वाले स्कूलों को 10 हजार रुपए, 31 से 100 छात्रों वाले स्कूलों को 25 हजार, 101 से 250 छात्रों वाले स्कूलों को 50 हजार, 251 से एक हजार छात्रों वाले स्कूलों को 75 हजार रुपए और एक हजार से अधिक छात्रों वाले स्कूलों को 1 लाख रुपए प्रदान किए जाते हैं। अलवर जिले में 52 स्कूलों में नामांकन 100 से कम है, जबकि 248 स्कूलों का नामांकन 250 से 1000 छात्रों के बीच है।दिसंबर माह तक खर्च हो जानी चाहिए थी
संस्था प्रधानों का कहना है कि नियमानुसार इस ग्रांट की आधी से अधिक राशि दिसंबर माह तक खर्च हो जानी चाहिए थी, लेकिन इस बार इसे सत्र समाप्ति के सिर्फ कुछ दिन पहले जारी किया गया। इसमें भी 26 मार्च को रामनवमी, 29 मार्च को रविवार और 31 मार्च को महावीर जयंती का अवकाश होने के कारण स्कूलों के पास केवल तीन कार्य दिवस बचे हैं। ऐसे में ग्रांट का सही और पूर्ण उपयोग करना व्यावहारिक रूप से कठिन है।अंतिम तिथि बढ़ाने की गुहार
शिक्षक संघ और स्कूल प्रबंधन समिति ने सरकार से आग्रह किया है कि ग्रांट खर्च करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि स्कूल इसे सही तरीके से उपयोग कर सकें। कम्पोजिट ग्रांट का उपयोग रंग-रोगन, दरी-पट्टी, सफाई, खेल सामग्री, बिजली-पानी के बिल, विज्ञान और गणित किट, बच्चों के प्रमाण-पत्र आदि पर किया जाता है।..................
प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दीराजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से बुधवार को कम्पोजिट ग्रांट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। राशि आते ही विद्यालयों के खातों में डलवा दी जाएगी, जिसका विद्यालय एसएपए पोर्टल से उपयोग कर बिलों का भुगतान कर सकेंगे।
मनोज कुमाश शर्मा, एडीपीसी समसा।