
जिले में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी सफिया खान ने चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता का माखौल उड़ाते हुए समर्थकों से कहा कि साम, दाम, दण्ड, भेद सारे हथकण्डे अपना लेना। चाहे किसी की टाण्ट फोडऩी पड़ जाए। चाहे कुछ करना पड़ जाए। चुनाव जीतना है। चाहे कुछ हो जाए।
उन्होंने प्रचार के दौरान समर्थक व कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि ये ध्यान रखना पॉलिंग हाई से हाई होनी चाहिए। यह मेरी व आपकी इज्जत का सवाल है। यहां से नहीं बाकी जगहों से भी जीतना है। कुछ जगहों से अधिक बढ़ते लेनी है ताकि दूसरी जगहों से बराबर रह सकें। सोशल मीडिया पर भी सामने वालों को पलट कर जवाब देना है। सफिया खान ने चुनाव प्रचार के दोरान एक गांव में मतदाता, समर्थक व कार्यकर्ताओं के बीच में खड़े होकर कुछ इस तरह का विवादित बयां दिया है। जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रहा है।
जानकारों के अनुसार चुनाव में दाम, दण्ड व भेद के आधार पर वोट लेने की कोशिश करना भी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। साम, दाम, दंड और भेद रणनीतिक शब्द जरूर हैं लेकिन यहां दाम का मतलब प्रलोभन है। दंड का मतलब है वोटरों में भय पैदा करना। ये दोनों शब्द आचार संहिता का उल्लंघन माने जा सकते हैं। वीडियो की सच्चाई जानना अब प्रशासन या जिम्मेदार अधिकारियों के लिए जरूरी होगा। क्योंकि रामगढ़ में इस तरह की बयानबाजी के मायने हैं कि आने वाले
समय में चुनाव में माहौल खराब हो सकता है। ज्ञानदेव आहूजा पहले ही कह चुके हैं कि वे मेवात में भाजपा के स्टार प्रचारक हैं।