
विधानसभा चुनाव में कई नेता बागी होकर भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैँ। एक ही पार्टी से दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में होने से कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं. कांग्रेस और बीजेपी के चुनाव प्रभारी लोगों ने बागी नेताओं को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
ये नेता हुए हैं बागी
थानागाजी में भाजपा के रोहिताश्व घांघल बागी होकर असपा से चुनाव मैदान में हैं। राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ में विधायक जौहरीलाल मीणा कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में हैं, कांग्रेस की शीला मीणा व राहुल मीणा भी निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में डटी हैं। वहीं भाजपा के विजय समर्थ लाल मीणा बागी होकर अपने ही दल के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
कठूमर में पूर्व मंत्री मंगलराम भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं रामगढ़ में सुखवंत सिंह भाजपा से बागी होकर असपा से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा किशनगढ़बास से सिमरनजीत कौर कांग्रेस से बगावत कर बसपा से चुनाव मैदान में उतरी हैं, वहीं मुंडावर में अंजलि यादव कांग्रेस से बगावत कर असपा के टिकट पर चुनाव मैदान में डटी हैं।
भाजपा ने नहीं की कार्यवाही
विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे विधायक जौहरीलाल मीणा, शीला मीणा व राहुल मीणा, मुंडावर से अंजलि यादव एवं किशनगढ़बास से सिमरत संधु पर कांग्रेस ने कार्रवाई कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। लेकिन भाजपा की ओर से अपने बागी नेताओं पर अभी कार्रवाई का इंतजार है।