अलवर

संविदा कार्मिक उतरे सड़कों पर, शहीद स्मारक तक निकाली रैली

संविदा और प्लेसमेंट कार्मिकों ने 'संविदा प्लेसमेंट संघर्ष समिति राजस्थान' के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर अलवर की सड़कों पर आक्रोश रैली निकाली।

2 min read
Mar 26, 2026

संविदा और प्लेसमेंट कार्मिकों ने 'संविदा प्लेसमेंट संघर्ष समिति राजस्थान' के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर अलवर की सड़कों पर आक्रोश रैली निकाली। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई यह रैली 'शहीद स्मारक' पहुंची, जहाँ कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी आवाज बुलंद की।

आर्थिक शोषण के खिलाफ एकजुटता

शहीद स्मारक और आईएमए (IMA) हॉल में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष यश जोशी ने कहा कि सरकारी और गैर-सरकारी विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जो मानदेय दिया जा रहा है, उससे परिवार का भरण-पोषण करना असंभव है। हम केवल अपना हक मांग रहे हैं, भीख नहीं।

पड़ोसी राज्यों से तुलना: राजस्थान के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?

प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह राठौड़ ने आंकड़ों के साथ अपना पक्ष रखते हुए बताया कि हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में न्यूनतम मजदूरी और परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) राजस्थान की तुलना में कहीं अधिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरे देश में महंगाई की दर एक समान है, तो राजस्थान के श्रमिकों और अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

रैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।

  1. न्यूनतम मजदूरी: मजदूरी दरों में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए।
  2. समान कार्य-समान वेतन: हर कर्मचारी को उसके कार्य के अनुरूप उचित वेतन मिले।
  3. राजकीय संस्था का गठन: RMLCL/RLSDC का जल्द गठन कर सभी ठेका कर्मचारियों को इसमें शामिल किया जाए।
  4. भर्ती में प्राथमिकता: आगामी सरकारी भर्तियों में प्लेसमेंट और ठेका कार्मिकों को मेरिट एवं बोनस अंकों का लाभ दिया जाए।
  5. नियमितीकरण: वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों को स्थायी किया जाए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

महामंत्री ऋतिक रोशन और सचिव सुनील चौधरी ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो यह आंदोलन केवल अलवर तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश के अल्प वेतन भोगी कर्मचारी उग्र प्रदर्शन को मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन में अलवर जिले के सभी सरकारी विभागों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष कार्मिकों ने भाग लेकर अपनी एकता का परिचय दिया।

Published on:
26 Mar 2026 03:19 pm
Also Read
View All

अगली खबर