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अलवर केंद्रीय कारागृह की सुरक्षा में बड़ी सेंध: आधी रात को जेल में फेंके गए मोबाइल और गांजा, मचा हड़कंप

राजस्थान के अलवर में स्थित केंद्रीय कारागृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। बुधवार की देर रात जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित सामग्री मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

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अलवर केंद्रीय कारागृह (फाईल फोटो)

राजस्थान के अलवर में स्थित केंद्रीय कारागृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। बुधवार की देर रात जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित सामग्री मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा घेरे को भेदकर अज्ञात तत्वों द्वारा जेल के वार्ड नंबर-1 में मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने जेल की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा दीवार की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

आधी रात को सुनाई दी संदिग्ध आवाज

जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात वार्ड नंबर-1 के पास अचानक किसी वस्तु के गिरने की जोर से आवाज सुनाई दी। वहां तैनात ड्यूटी कार्मिकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। आवाज संदिग्ध होने के कारण कारागार प्रशासन ने बिना देरी किए तत्काल सघन तलाशी अभियान शुरू किया। रात्रि गश्त अधिकारी की मौजूदगी में जब वार्ड के कोने-कोने को खंगाला गया, तो शौचालय के पास झाड़ियों में एक संदिग्ध पैकेट पड़ा मिला।

पैकेट खोलते ही उड़े होश: मोबाइल और नशीला पदार्थ बरामद

जेल प्रशासन ने जब उस लावारिस पैकेट को खोलकर उसकी जांच की, तो उसके भीतर से प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। पैकेट के अंदर चार कीपैड मोबाइल फोन और करीब 2 ग्राम गांजा जैसा नशीला पदार्थ मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद किए गए चारों मोबाइल फोन बिना सिम कार्ड के थे। जेल प्रबंधन ने तुरंत पूरी बरामदगी की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई और सामग्री को विधिवत सील कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया। जेल जैसी अति-सुरक्षित जगह पर नशीले पदार्थ और संचार उपकरणों का पहुंचना जेल मैन्युअल का खुला उल्लंघन है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच में जुटे अधिकारी

जेल प्रशासन की शिकायत पर शहर कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कारागार अधिनियम की धारा 42 और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस और जेल प्रशासन अब इस पूरे मामले को सुलझाने में जुटे हैं कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा और ऊँची दीवारों के बावजूद यह पैकेट जेल के अंदर कैसे पहुंचा। क्या इसे बाहर से दीवार के ऊपर से फेंका गया है या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत है, इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।