
जिले में नए जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित के कार्यभार संभालने के बाद पहली बार गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में जिले भर से लोग परिवेदना लेकर पहुंचे। जनसुनवाई में शहर के साहब जोहड़ा, शक्ति नगर, पहाडग़ंज सहित अन्य क्षेत्रों की महिलाओं ने पानी की मांग को लेकर हंगामा किया। बाद में अधिकारियों ने समस्या के जल्द निराकरण का आश्वासन देकर महिलाओं को लौटा दिया। जनसुनवाई में 57 प्रकरण प्राप्त हुए, जिन्हें जिला कलक्टर ने सात दिन में निस्तारण के निर्देश दिए।
कलक्टे्रट सभागार में जनसुनवाई शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। बाद में कलक्टर ने सभागार में बारी से बारी से व्यक्तियों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए।
पहली जनसुनवाई से लोगों को बंधी आस
सुबह से ही कलक्टर सभागार के बाहर लंंबी लाइन लगी हुई थी। कई घंटों तक भी जब नंबर नहीं आया तो लोगों को मजबूरन जमीन पर ही बैठना पड़ा। इस दौरान साहब जोहड़ा व पहाडग़ंज की महिलाएं एकत्रित होकर पानी की समस्या लेकर कलक्टर से मिलने पहुंची। सभागार के बाहर पुलिस का भी इंतजाम था। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को रोकर उनके प्रतिनिधि को जनसुनवाई में भेजा।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, विभाग मौन
वार्ड नंबर 12 मोहल्ला बडेरिया पाड़ी के निवासी यहां स्थित धार्मिक स्थल पर कुछ लोगों की ओर से अतिक्रमण के प्रयास की शिकायत की गई। इन लोगों का कहना था कि इससे पूर्व भी कई बार इस सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई। इसे प्रशासन के सहयोग से रुकवाया गया।
मुख्यमंत्री के आदेश भी हुए बेकार
जनसुनवाई में पीड़ा लेकर आए गांव सांचौर तहसील मुंडावर के लोगों ने बताया कि वर्ष 1975 में राज्य सरकार ने साढ़े नौ बीघा जमीन काश्तकारी के लिए अलॉट की थी। इसका आधा हिस्से पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया। गत 6 अप्र्रेल को मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में 15 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी थी। वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी 30 दिन में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए लेकिन आज कार्रवाई नहीं हुई।