राजस्थान के अलवर शहर में गो-तस्करों के हौसले एक बार फिर बुलंद होते नजर आ रहे हैं। शहर के सुरक्षित माने जाने वाले शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में तस्करों ने एक घर के बाहर बंधी गाय को कुछ ही मिनटों भीतर पिकअप में लादा और रफूचक्कर हो गए।
राजस्थान के अलवर शहर में गो-तस्करों के हौसले एक बार फिर बुलंद होते नजर आ रहे हैं। शहर के सुरक्षित माने जाने वाले शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में तस्करों ने एक घर के बाहर बंधी गाय को कुछ ही मिनटों के भीतर पिकअप में लादा और रफूचक्कर हो गए। तस्करों की यह पूरी करतूत पास ही लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित सतीश शर्मा के अनुसार उनका घर शिवाजी पार्क स्थित होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के बगल में है। शनिवार, 28 मार्च की रात करीब सवा दो बजे एक पिकअप गाड़ी उनके घर के पास आकर रुकी। वाहन से उतरे चार तस्करों ने पलक झपकते ही घर के बाहर खूंटे से बंधी गाय को खोला और जबरन खींचकर पिकअप के पिछले हिस्से में पटक दिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि तस्करों को न तो पुलिस का डर था और न ही पकड़े जाने का कोई खौफ। वे मात्र तीन मिनट के भीतर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
अलवर में गौ तस्करी एक गंभीर मुद्दा है। यह क्षेत्र लंबे समय से गौ तस्करी से जुड़ी घटनाओं के लिए जाना जाता है।
हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पूर्व अलवर पुलिस अधीक्षक (SP) के आवास के ठीक बगल वाले इलाके में भी गो-तस्करों को देखा गया था। शहर के रिहायशी इलाकों में इस तरह की वारदातों की पुनरावृत्ति से आमजन में भारी रोष व्याप्त है। पीड़ित ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी तस्कर उनके यहाँ से दो गाय चोरी कर ले जा चुके हैं। बार-बार होने वाली इन घटनाओं से स्थानीय निवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
घटना के बाद पीड़ित सतीश शर्मा ने शिवाजी पार्क थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तस्करों की तलाश शुरू कर दी है। शिवाजी पार्क थानाधिकारी ने कहा है कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पिकअप के नंबर और तस्करों के हुलिए की पहचान की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शहर के बीचों-बीच से गोवंश की सरेआम तस्करी होने से हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में गहरा गुस्सा है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की रात्रि गश्त प्रभावी होती, तो तस्कर पिकअप लेकर मुख्य मार्गों से इस तरह बेरोकटोक नहीं निकल पाते। अब देखना यह है कि पुलिस इन शातिर तस्करों को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है।