
भगवान महावीर की शोभायात्रा (फोटो - पत्रिका)
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2553 वाँ जन्म कल्याणक महोत्सव अलवर शहर में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार को शहर की सड़कों पर भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जब मुंशी बाजार स्थित श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर से भगवान महावीर की भव्य स्वर्ण रथयात्रा निकाली गई। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जैन ने बताया कि स्वर्ण रथयात्रा बैण्डबाजा और शहनाई की मधुर धुनों के साथ शुरू हुई, जिसमें शामिल प्रेरणादायक झांकियां और भजन मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सराबोर होकर स्वर्ण रथ को अपने हाथों से खींचकर पुण्य लाभ कमाया। शहर के प्रमुख मार्गों को आकर्षक तोरण द्वारों से सजाया गया था, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने श्रीजी की आरती उतारकर अगवानी की। यह रथयात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होती हुई करोली कुण्ड स्थित जैन नसिया जी पहुंची, जहाँ ध्वजारोहण के साथ तीन दिवसीय मेले का भव्य शुभारंभ हुआ।
इससे पूर्व, उत्सव की शुरुआत सोमवार तड़के ही हो गई थी जब सुबह करीब 5 बजे विभिन्न जैन मंदिरों से प्रभात फेरियां निकाली गईं। शहर के सभी जैन मंदिरों में सुबह भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजा-अर्चना के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें समाज के स्त्री-पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महोत्सव के तहत रविवार शाम को तीर्थंकर नवयुवक जैन सेवा समिति की ओर से अहिंसा सर्कल मन्नी का बड़ पर 'महावीरोदय' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
समिति के धरणेन्द्र जैन ने बताया कि इस अवसर पर 1008 दीपकों से दीपदान किया गया और भक्ति संध्या के साथ खुले मंच पर 'टीले के महावीर' की विशेष प्रतिकृति बनाई गई, जो शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान भगवान को पालना झुलाने का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ और पूरे अहिंसा सर्किल को विद्युत रोशनी से बेहद सुंदर रूप में सजाया गया था।
इस बार महावीर जयंती महोत्सव में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा शुरू की गई 'दिव्य नवकार रथ यात्रा' विशेष आकर्षण का केंद्र रहने वाली है। जीतो अलवर क्षेत्र के प्रवक्ता नीरज जैन ने जानकारी दी कि जैन इंटरनेशनल ट्रेडर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान द्वारा आयोजित यह रथ यात्रा 31 मार्च की शाम को अलवर में प्रवेश करेगी, जहाँ सकल जैन समाज द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जाएगा।
यह दिव्य रथ 1 अप्रैल को सुबह 9 बजे अलवर से प्रस्थान करेगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में नवकार मंत्र की महिमा, आध्यात्मिक चेतना और एकता का संचार करना है। इस अभियान का समापन 9 अप्रैल को 'विश्वव्यापी नवकार दिवस' के अवसर पर होगा, जिसे भारत सरकार की ओर से भी मान्यता प्रदान की गई है।
Published on:
30 Mar 2026 11:55 am
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