
अलवर में इस बार औसत से 88 मिमि कम बारिश हुई है। जिले के लोगों को अच्छी बारिश का इंतजार है। मानसून सीजन में 15 जून से 17 अगस्त तक दो महीने से अधिक समय बीत गया है। इस दौरान जिले में औसत से 88.38 मिमि बारिश हुई है। जिले में औसत बारिश 388.08 मिमि बारिश होनी चाहिए थी लेकिन इस बार अभी तक केवल 299.07 मिमि बारिश हुई है। कम बारिश होने से जिले के 24 में से 18 बांध सूखे पड़े हैं। वर्ष 2017 के मुकाबले इस बार 93.06 मिमि बारिश अधिक हुई है, लेकिन 2016 के मुकाबले बारिश में गिरावट आई है। वर्ष 2016 में इस अवधि में जिले में 596 मिमि बारिश हुई जो कि औसत बारिश 555 मिमि से 41 मिमि अधिक थी।
इस साल एक जनवरी से 17 अगस्त की अवधि में जिले में कुल 6091 मिमि और औसत बारिश 358 मिमि हुई है। इसी अवधि में जिले में सर्वाधिक बारिश कोटकासिम में 689 मिमि और सबसे कम बारिश थानागाजी में 198 मिमि बारिश हुई है। मानसून सीजन का अभी करीब एक महीना बाकी है। मानसून तंत्र सक्रिय नहीं होने की स्थिति विपरीत असर आने वाले दिनों में फसल और भूजल पर पड़ेगा। पैदावार घटेगी और पानी की समस्या गहरा सकती है।
एक सप्ताह में मानसून तंत्र सक्रिय होने की उम्मीद
मौसम जानकारों के अनुसार राजस्थान में एक सप्ताह में फिर से मानसून तंत्र सक्रिय होने की संभावना है। अभी हिमाचल व उत्तर प्रदेश में मानसून केंद्रित है। जब वहां कमजोर होगा, तब राजस्थान में मानसून तंत्र सक्रिय होने की उम्मीद है।
10 दिन में बारिश नहीं हुई तो फसलें सूखने लगेंगी
कृषि उप निदेशक पीसी मीणा का कहना है कि अगले 8-10 दिनों में बारिश नहीं होने पर खरीफ की फसलों पर विपरीत असर पड़ेगा। ग्वार, बाजरा व तिल की फसलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
कहां हुई कितनी बारिश
इस साल 15 जून से 17 अगस्त तक कोटकासिम 586, किशनगढ़बास 437, बहादुरपुर 425, अलवर 390, राजगढ़ 363, कठूमर 351, तिजारा 329, गोविंदगढ़ 306, रामगढ़ 293, लक्ष्मणगढ़ 256, बहरोड़ 235, मालाखेड़ा 210, बानसूर 199, मुंडावर 191, टपूकड़ा 184, नीमराणा 169, थानागाजी में 171 मिमि बारिश हुई है।
बांधों का जलस्तर (फुट में)
बांध जलस्तर भराव क्षमता
सिलीसेढ़ 19.8 28.9
मंगलसर 13.3 46
मानसरोवर 11.1 21.6
बघेरी खुर्द 4.1 11.3
जयसागर 0.9 30.4
समर सरोवर 2.2 13.2