
अलवर . देव उठनी एकादशी पर 23 नवंबर से पांच माह बाद जिले भर में फिर से शादी-विवाह की गूंज सुनाई देगी। गत 29 जून को देवशयन एकादशी को भगवान विष्णु ने शयन किया था। वहीं, इस बार श्रावण मास अधिक मास होेने से 30 जून से शादी-विवाह पर रोक लग गई थी। इसके बाद अब 23 नवंबर को देव उठनी एकादशी से शादी-विवाह का दौर फिर से शुरू होगा। पंडित यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि शादी-विवाह का यह दौर 15 दिसंबर तक जारी रहेगा। इसके बाद 16 दिसंबर को दोपहर 3 बजकर 58 मिनट पर सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ ही धनु मलमास शुरू होगा। इसका समापन 14 जनवरी 2024 की रात 2 बजकर 44 मिनट पर होगा। इस दौरान नव वर्ष 2024 का पहला सावा 16 जनवरी को रहेगा।
इस साल विवाह के शुभ मुहूर्त
इस साल नवंबर व दिसंबर महीने में देवउठनी एकादशी पर 23 नवंबर को स्वयंसिद्ध मुहूर्त रहेगा। इसके अलावा 24, 27, 28 व 29 नवंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। इसी तरह दिसंबर में 3, 4, 7, 8, 9 व 15 तारीख को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।
मैरिज होम सजकर हुए तैयार
विवाह समारोह को लेकर अलवर के लगभग सभी मैरिज होम सजकर तैयार हो गए हैं। इसके साथ ही बदलते मौसम के हिसाब से पकवान भी मीनू में शामिल किए गए हैं। वहीं, देवउठनी एकादशी पर अलवर शहर के अधिकतर मैरिज होम पहले से ही बुक हो चुके हैं। मैरिज होम संचालक विजय शर्मा ने बताया कि देवउठनी एकादशी पर बड़ा सावा है। इसको लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। वहीं, सर्दी के मौसम को देखते हुए भोजन के मीनू में भी बदलाव किया गया है।