
अलवर. शहर से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बहादरपुर गांव में बदहाल होती विरासत की मंगलवार को आखिर प्रशासन ने सुध ली। जिला कलक्टर राजन विशाल ने वहां ऐतिहासिक महत्व की छतरियों व गुम्बदों को देखा।
उल्लेखनी है कि गत दिनों राजस्थान पत्रिका के अंक में धूमिल होती बहादरपुर की विरासत शीर्ष से फोटो फीचर प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इन बदहाल होती विरासितों की ओर आकृष्ट किया था। इस पर जिला कलक्टर ने वहां पहुंच इन बदहाल विरासतों को देखा और संबंधित विभागों के अधिकारियों से इनके जीर्णोद्धार को लेकर चर्चा की। उन्होंने इन विरासतों की ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी ली।
बहादरपुर में ऐतिहासिक विरासत की छतरियां व गुम्बद निर्मित हैं। ये छतरियां व गुम्बद अपनी ऐतिहासिक महत्वता के चलते लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं, लेकिन इनकी सार संभाल नहीं हो पाने के कारण ये छतरियां व गुम्बद बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं।