
अलवर. इस बार दिवाली पर रोडलाइट की रोशनी के भरोसे अधिक नहीं रहें। अधिक से अधिक दीपक जला कर गली-मोहल्लों को रोशन करने का प्रयास करें। शहर में पिछले कई दिनों से कई हजार रोडलाइट गुल पड़ी हैं। सबके ठीक होने की संभावना भी नहीं है। पिछले दिनों पांच दिन ं तक शहर में रोडलाइट की देरखरेख करने वाली सर्वोटेक कम्पनी के कर्मचारी वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर रहे। उस समय बड़ी संख्या में खराब लाइट दुरुस्त नहीं हो सकी। अब इतनी अधिक संख्या में रोडलाइट खराब हैं कि सबको ठीक करना मुश्किल बताया जा रहा है।
कंपनी को भुगतान नहीं हो रहा
सरकार ने नगर परिषद क्षेत्र में रोडलाइट लगाने व उनकी देखरेख का करने का जिम्मा ईइ्रसीएल कम्पनी को दे रखा है। ईईसीएल कम्पनी ने आगे सर्वोटेक को जिम्मेदारी दे दी। शहर में पहले एलईडी लाइट लगाने का काम अटका रहा। अब खराब लाइटों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। शिकायत पर शिकायत मिलने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नगर परिषद के अधिकारी भी सम्बंधित कम्पनी पर ज्यादा दबाव नहीं दे पा रहे हैं। जिसके कारण मनमर्जी से काम हो रहा है।
मुख्य रोड पर लाइट खराब
शहर में भवानीतोप, ऐरोड्रम रोड, काली मोरी, ईटाराणा, शंातिकुंज सहित अनेक प्रमुख रोड पर काफी रोडलाइट खराब हैं। गली-मोहल्लों में तो इतनी लाइट खराब हैं कि उनका कोई ठीक करने ही नहीं पहुंचता है। जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक के आवास वाली रोडलाइट आए दिन खराब होती रहती हैं। ऐसे में पूरे शहर में रोडलाइट दुरुस्त किए जाने की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है।
अधिकारी फोन नहीं उठा रहे
शहर के लोगों का कहना है कि रोडलाइट करने की शिकायत कर दी। इसके बावजूद भी लाइट ठीक नहीं हो रही है। कई अधिकारी तो फोन ही नहीं उठा रहे हैं। टोल फ्री नम्बर पर शिकायत करने के बावजूद रोडलाइट सही नहीं की
जा रही है।
कंपनी के पास टीम नहीं
रोडलाइट दुरुस्त करने वाली कम्पनी के पास पर्याप्त टीम नहीं है। जिसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं। सरकार के स्तर पर ठेका हुआ है। जिसके कारण कम्पनी को परवाह नहीं है।
राजेश तिवाड़ी, अध्यक्ष, रोशनी समिति, नगर परिषद अलवर