अलवर

पांच दिवसीय दीपोत्सव कल से, दिवाली के लिए सजे घर और बाजार, धनतेरस से भैया दूज तक, जानिए हर त्योहार का महत्व

Diwali Festival Shubh Muhrat And Importance : पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत कल से होगी, इसके लिए बाजारों और घरों में सजावट और तैयारियां पूरी हो चुकी है।

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Oct 24, 2019
पांच दिवसीय दीपोत्सव कल से, दिवाली के लिए सजे घर और बाजार, धनतेरस से भैया दूज तक, जानिए हर त्योहार का महत्व

अलवर. Diwali Festival : दीपोत्सव पर पूरा वातावरण अभी से उल्लासित है। पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत शुक्रवार को धनतेरस से होगी। दीपोत्सव की हर घर में तैयारी चल रही हैं। इन दिनों घरों में विशेष सजावट और बाजार से सामान खरीदने में लोग व्यस्त हैं।

धनवंतरी जयंती को मनाते हैं धनतेरस

धनवंतरी जयंती को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। यह माना जाता है कि इस दिन आयुर्वेद के जनक धनवंतरी का जन्म समुंद्र मंथन के दौरान हुआ था। इसी दिन माता लक्ष्मी भी अवतरित हुई थी। इस अवसर पर पूजा अर्चना करने पर धन धान्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। धनतेरस के दिन खरीददारी का विशेष योग माना जाता है। इस दिन वाहन खरीदने के लिए लोगों ने पहले से ही एडवांस बुकिंग करा रखी है।

रूप चौदस पर विशेष श्रृंगार

धनतेरस के अगले दिन नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। इस दिन यम तर्पण और दीपदान किया जाता है। इस दिन सूने स्थान पर दीपक जलाने की प्रथा है। जिससे यमराज प्रसन्न होते हैं। इसे छोटी दीपावली भी कहा जाता है। यह माना जाता है कि इस दिन लेप के साथ उबटन करने से स्नान करने पर रूप में वृद्धि होती है और चन्द्रमा मजबूत होता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर में जाकर उनके दर्शन करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

दीपावली पर विशेष सजावट

दीपावली पर्व रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन महालक्ष्मी की पूजा होगी जिसके लिए घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सजाया जा रहा है। इस दिन कुबेर की भी पूजा होती है। शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है जिससे धन धान्य की प्राप्ति होती है। इस दिन के लिए घरों व प्रतिष्ठानों के बाहर सजावट की गई है। इस दिन के लिए बाजारों को विशेष रूप से सजाया गया है।

अन्नकूट महोत्सव की तैयारी तेज

दीपावली पर्व के दूसरे दिन अन्नकूट महोत्सव होगा। सभी गांव, ढाणी और मोहल्लों व कॉलोनियों में अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिरों में कई दिनों से तैयारी चल रही है। कई मंदिरों में इस पर्व के साथ भजन व कीर्तन होंगे।

भैया दूज के साथ होगा समापन

दीपोत्सव का समापन भैया दूज के साथ होगा। इस दिन को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहन भाइयों की लंबी उम्र के लिए भाई को तिलक लगाती है। भैया दूज पर भाई बहनों को उपहार देते हैं। इसके साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन होगा।

Published on:
24 Oct 2019 09:52 am
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