
अलवर । किशनगढ़बास विधायक रामहेतसिंह यादव की ओर से क्षेत्र के मांचा गांव में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बयान देने और वायरल वीडियो पर चुनाव आयोग ने प्रसंज्ञान लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी। बाद में जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित ने मतदाता को प्रलोभन देने के मामले में रिर्टनिंग अधिकारी को विधायक यादव के खिलाफ इस्तगासा दायर्र कराने के आदेश दिए। इस पर रिर्टनिंग अधिकारी ने एडीजे कोर्ट में इस्तगासा दर्ज कराया है।
उल्लेखनीय है कि विधायक रामहेत यादव का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यादव ने कहा कि अरे ये थारे ट्रैक्टर-ट्रोले हैं न जो भर-भर के जा रहे हैं। ये सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है कि ये ट्रैक्टर नहीं चल सकते। ये रामहेत यादव की सरकार है, रामहेत यादव एमएलए हैं, इसलिए चल रहे हैं, अरे तुमको तो मेरा वैसे ही ख्याल रखना है। यह खबर पत्रिका टीवी में प्रसारित हुई एवं राजस्थान पत्रिका के 24 नवम्बर को भाजपा विधायक बोले- सुप्रीम कोर्ट नहीं, यहां रामहेत की सरकार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था।
चुनाव आयोग ने पत्रिका टीवी पर प्रसारित खबर पर प्रसंज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से मामले में रिपोर्ट मांगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने विधायक के वायरल वीडियो को मतदाता को प्रलोभन देने एवं आईपीसी की धारा 171 बी का उल्लंघन मान किशनगढ़बास रिर्टनिंग ऑफिसर को विधायक के खिलाफ इस्तगासा दायर करने के आदेश दिए। इस पर रिर्टनिंग अधिकारी महेन्द्र सिंह ने शनिवार को वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किशनगढ़बास में इस्तगासा दर्ज कराया। दर्ज इस्तगासे में विधायक के वीडियो को आईपीसी की धारा 171 बी और सी का उल्लंघन मान आईपीसी की धारा 171 ई और एफ में मुकदमा दर्ज करवाने का आग्रह किया है।
विधायक को दिया नोटिस
जिला निर्वाचन अधिकारी ने किशनगढ़बास विधायक रामहेत यादव को नोटिस भेजकर वायरल हुए वीडियो को आचार संहिता का उल्लंघन माना है। उन्होंने विधायक को दो दिन में नोटिस का जवाब देने को कहा है।