शहर में खुलेआम प्रशासन के सामने नियमों की अवहेलना की जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गलियों में लगे बिजली के खंभे ऐसी प्रचार सामग्री से अटे पड़े हैं।
अलवर. शहर में बिजली के पोल और पेड़ों पर कई जगह शिक्षण संस्थाओं, कंपनियों और राजनीतिक दलों की प्रचार सामग्री लगाई जा रही है, जो पूरी तरह अवैध है। जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन वे करते नहीं। ये लोग अपने प्रचार-प्रसार के लिए सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। अधिकांश बिजली के पोल और पेड़ों पर बिना अनुमति के विज्ञापन के कट आउट, बैनर और बोर्ड आदि देखे जा सकते हैं। प्रचार करने वाली संस्थाएं न तो इसकी अनुमति लेती हैं और न ही कोई शुल्क दिया जाता है। शहर में खुलेआम प्रशासन के सामने नियमों की अवहेलना की जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गलियों में लगे बिजली के खंभे ऐसी प्रचार सामग्री से अटे पड़े हैं। बिजली निगम से लेकर नगर निगम तक का यह मानना है कि विद्युत खंभों का प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है। बावजूद इसके विद्युत निगम और नगर निगम के जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं है। सार्वजनिक स्थलों पर भी बिना अनुमति के विज्ञापन पोस्टर आदि लगे हुए हैं।
हादसे का कारण बन सकते हैं
कई बार बिजली के खंभों पर लगे फ्लैक्स हवा चलने पर नीचे गिर जाते हैं जो रास्ते पर चलने वाले राहगीरों के लिए हादसे का कारण भी बन जाते हैं। इसके अलावा बिजली के पोल लगे होर्डिंग से मरम्मत आदि का काम करने वाले बिजली कार्मिकों को परेशानी होती है।
हो सकता है मामला दर्ज
जानकारी के अनुसार विद्युत पोल हो या स्ट्रीट लाइट के पोल तथा पेड़ आदि पर प्रचार बोर्ड या विज्ञापन बोर्ड नहीं लगा सकते। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ नगर निगम और प्रशासन की ओर से संबंधित व्यक्ति या संस्था पर केस दर्ज किया जा सकता है।
विद्युत पोलों का व्यावसायिक प्रयोग करना गलत है। इन पर प्रचार-प्रसार के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाती है। विद्युत पोल पर किसी भी प्रकार के फ्लेक्स बोर्ड लगाना अवैध है। अगर ऐसा हो रहा है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र नरूका, आयुक्त, नगर निगम।